देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टिबाधित दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (NIEPVD) के छात्र-छात्राओं ने लैपटॉप वितरण और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रबंधन का कहना है कि छात्रों से वार्ता हो चुकी है और लैपटॉप वितरण की प्रक्रिया जारी है।
देहरादून: NIEPVD में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने संस्थान की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें अभी तक लैपटॉप उपलब्ध नहीं कराए गए हैं और रात के समय डॉक्टर की सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहती। वहीं संस्थान प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि अधिकांश मांगों पर कार्रवाई की जा रही है।
लैपटॉप और मूलभूत सुविधाओं को लेकर छात्रों का विरोध
देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टिबाधित दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (NIEPVD) में छात्र-छात्राओं ने संस्थान की व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से मांग करने के बावजूद उन्हें पढ़ाई के लिए आवश्यक लैपटॉप उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल नहीं होंगे। उनका आरोप है कि कई बार संस्थान प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
रात में डॉक्टर की सुविधा नहीं होने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए रात के समय डॉक्टर की व्यवस्था नहीं है। यदि किसी छात्र की अचानक तबीयत खराब हो जाए, तो तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।
इसके अलावा छात्रों ने संस्थान में अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी असंतोष जताया और कहा कि इन समस्याओं का समाधान लंबे समय से लंबित है।
प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
संस्थान के प्रधानाचार्य अमित शर्मा ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि लैपटॉप वितरण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पात्र छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि छात्रों द्वारा लगाए गए अन्य कई आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। संस्थान प्रशासन विद्यार्थियों की सुविधाओं को लेकर लगातार काम कर रहा है और आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है।
वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान
प्रबंधन और छात्रों के बीच बातचीत होने के बावजूद फिलहाल विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन और सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
वहीं संस्थान प्रशासन का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और शिक्षा व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी है और समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।











