जयपुर में कबाड़ में छिपा अवैध हथियार और टाइगर खाल का रहस्य, बैग-पॉलिथीन में रखा जखीरा पकड़ने पर पुलिस हुई चौकन्ना

जयपुर मे पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में कबाड़ में छिपा अवैध हथियारों और टाइगर खाल का जखीरा पकड़ा।और पॉलिथीन में रखी गई . राइफल, 282 कारतूस और बाघ की खाल बरामद हुई

जयपुर के रामगंज इलाके में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और स्थानीय पुलिस ने एक बड़े अवैध हथियार और वन्यजीव उत्पादों के जखीरे का पर्दाफाश किया। यह खुलासा तब हुआ जब एटीएस टीम 2 अप्रैल को मोहल्ला बिसायतियान स्थित ‘शिकार गन हाउस’ और मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन (64) के मकान पर तलाशी लेने पहुंची। पुलिस को पहले ही जोधपुर में हुई कार्रवाई के आधार पर सूचना मिली थी कि जयपुर में हथियारों में हेरफेर किया जा रहा है। मोहम्मद जहीरूद्दीन की दुकान और घर पर तलाशी के दौरान पुलिस ने कबाड़ में छिपा हुआ अवैध सामान पाया।

कबाड़ में मिला अवैध हथियारों का जखीरा और टाइगर की खाल

पुलिस ने मोहम्मद जहीरूद्दीन की दुकान और घर पर निरीक्षण के दौरान कबाड़ की तरफ नजर रखते हुए बड़े शक के साथ तलाशी शुरू की। करीब तीन घंटे चली इस सर्च में पुलिस को मोटे तिरपाल कपड़े से बना काला बड़ा बैग मिला। बैग खोलने पर इसमें एक कवर के अंदर .22 बोल्ड एक्शन राइफल (मेड इन इंग्लैंड) मिली। इसके साथ ही 282 कारतूस भी पाए गए, जिनमें अलग-अलग बोर के निशानेबाजी और शिकार में इस्तेमाल होने वाले कारतूस शामिल थे।

साथ ही पुलिस ने पॉलिथीन थैली में टाइगर की खाल भी बरामद की। फॉरेस्ट अफसर की मदद से खाल की जांच की गई, जिसमें खाल की लंबाई 48 इंच, ब्राउन कलर की धारियां और हल्के भूरे रंग के बाल पाए गए। दाहिने आगे वाले पैर के पास गोल छेद का निशान भी देखा गया, जिससे अंदेशा है कि यह गोली लगने से हुई क्षति है। पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की। मृत जीव की खाल की कीमत लगभग 1 लाख रुपए और अवैध राइफल व 282 कारतूस की कीमत लगभग 2 लाख रुपए बताई गई है।

पुरानी बंदूक के नंबर बदलकर हथियारों की तस्करी

जोधपुर की डांगियावास पुलिस ने 1 अप्रैल को एक ब्लैक कलर की क्रेटा कार को रोककर जैसलमेर जाने वाले हेड कॉन्स्टेबल अमीन खां (36) और एलडीसी वांगे खां (47) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 12 बोर की अवैध बंदूक, 30 कारतूस और 12 हजार रुपए नकद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह बंदूक जयपुर के ‘शिकार गन हाउस’ से ली गई थी।

जहीरूद्दीन ने अमीन खां को 12 बोर की बंदूक देने के लिए 1.20 लाख रुपए लिए और पुराने 18 बोर बंदूक के सीरियल नंबर को 12 बोर की बंदूक पर पंच कर दिया। इस तरह हथियारों का रिकॉर्ड फर्जी बनाया जा रहा था, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

जयपुर में कबाड़ में छिपा अवैध हथियार और टाइगर खाल का रहस्य, बैग-पॉलिथीन में रखा जखीरा पकड़ने पर पुलिस हुई चौकन्ना

गिरफ्तारी और जांच की विस्तृत कार्रवाई

रामगंज थाना पुलिस और जयपुर नॉर्थ पुलिस की टीम ने एटीएस की सूचना पर सर्च वारंट लेकर 2 अप्रैल को जहीरूद्दीन के तीन मंजिला मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने घर के बाहर और अंदर रखे कबाड़ में छिपा अवैध सामान बरामद किया। बैग और पॉलिथीन थैली में रखे हथियार और टाइगर की खाल को कब्जे में लिया गया। पुलिस के अनुसार, खाल की जांच के लिए FSL में भेजी जाएगी।

मोहम्मद जहीरूद्दीन का दावा है कि टाइगर की खाल उसके दादा के जमाने से है और राइफल भी पुरानी है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों और वन विभाग इस दावे की पुष्टि करेंगे। इस पूरी कार्रवाई से इलाके में खलबली मच गई है और सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया है।

जहीरूद्दीन की दुकान और घर का रिकॉर्ड भी सील कर खंगाला जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से अवैध हथियारों और वन्यजीव अपराधों की संभावित श्रृंखला का पर्दाफाश हुआ है। यह मामला स्थानीय सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चेतावनी है।

इस कार्रवाई से स्पष्ट हो गया कि अवैध हथियारों और वन्यजीव उत्पादों की तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस की निगरानी लगातार बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि इस तरह के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।

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