कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में महिला के साथ कथित बैडटच का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला घर से कूड़ा फेंकने के लिए बाहर गई थी, तभी एक अधेड़ व्यक्ति ने उसके साथ अश्लील हरकत की। महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना है कि उसने पुलिस को घटना की जानकारी देने के साथ वीडियो भी उपलब्ध कराया, इसके बावजूद आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि महिला रोजमर्रा की तरह घर से कूड़ा फेंकने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में मौजूद अधेड़ व्यक्ति ने कथित तौर पर उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया। महिला के विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद व्यक्ति ने महिला को धमकाया और जान से मारने की बात कही।
घटना के बाद महिला काफी डर गई। परिवार के लोगों को जानकारी देने के बाद उसने मामले को पुलिस तक पहुंचाया। महिला का कहना है कि उसे डर है कि आरोपी दोबारा उसके साथ किसी तरह की हरकत कर सकता है। इसी वजह से वह आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
मामले में सामने आए वीडियो को लेकर भी पुलिस जांच कर सकती है। वीडियो में घटना से जुड़े कुछ हिस्से दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो की वास्तविकता, समय और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। महिला के मुताबिक उसने आरोपी की हरकत की जानकारी पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसे तत्काल राहत नहीं मिली। महिला का यह भी कहना है कि आरोपी की धमकी के कारण वह और उसका परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में शिकायत मिलते ही पुलिस को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। यदि महिला के साथ सार्वजनिक स्थान पर अभद्र व्यवहार हुआ है और उसे धमकी दी गई है तो मामले की जांच कर आरोपी की भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए।
पुलिस की जांच में सबसे पहले घटना का स्थान, समय और आसपास मौजूद लोगों की जानकारी जुटाई जा सकती है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि महिला के साथ वास्तव में क्या हुआ और आरोपी की गतिविधियां क्या थीं।
यदि वीडियो की पुष्टि होती है और उसमें आरोपी की पहचान होती है तो पुलिस उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई कर सकती है। महिला को दी गई कथित जान से मारने की धमकी की भी जांच की जाएगी।
महिला की शिकायत में पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप की भी जांच जरूरी है। यदि पीड़िता ने पहले ही लिखित शिकायत दी थी, तो पुलिस रिकॉर्ड से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि शिकायत कब प्राप्त हुई और उस पर क्या कार्रवाई की गई।
महिलाओं से जुड़े मामलों में शिकायत दर्ज करने के बाद पीड़िता की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। यदि आरोपी उसी इलाके में रहता है या लगातार वहां आता-जाता है तो पुलिस को महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने पड़ सकते हैं।
इस मामले में वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सोशल मीडिया या वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले पुलिस जांच जरूरी है। जांच के दौरान पीड़िता का बयान, वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और CCTV फुटेज जैसे साक्ष्यों को देखा जाएगा।
पीड़िता और उसके परिवार की ओर से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपी का हौसला बढ़ सकता है। महिला ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
कानपुर में इस तरह की घटना ने स्थानीय स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर ऐसे मामलों में जहां आरोपी पीड़िता को धमकाता है, वहां शिकायत को गंभीरता से लेना जरूरी हो जाता है।
पुलिस की ओर से मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला के आरोपों में कितनी सच्चाई है और आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वीडियो और शिकायत से जुड़े तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है।
फिलहाल महिला का आरोप है कि कूड़ा फेंकने के दौरान अधेड़ व्यक्ति ने उसके साथ बैडटच किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।