केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में मंथन तेज, CM चेहरे पर अब भी सस्पेंस बरकरार

Indian National Congress में केरल के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व लगातार बैठकों और रणनीति पर मंथन कर रहा है, लेकिन CM पद को लेकर

Kerala में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है। विधानसभा चुनाव में United Democratic Front को दो-तिहाई से अधिक बहुमत मिलने के बावजूद, नतीजे आने के एक सप्ताह बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है।

नई दिल्ली: Kerala विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करने के बावजूद Indian National Congress के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) में मुख्यमंत्री पद को लेकर असमंजस बना हुआ है। चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह बाद भी कांग्रेस अब तक नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पाई है।

UDF ने 140 सदस्यीय विधानसभा में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। इस राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge अब केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (KPCC) के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कौन आगे?

फिलहाल मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन प्रमुख नेता शामिल हैं:

  • K. C. Venugopal
  • V. D. Satheesan
  • Ramesh Chennithala

हालांकि राजनीतिक सूत्रों के अनुसार मुख्य मुकाबला केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन के बीच माना जा रहा है। कांग्रेस के भीतर बड़ी संख्या में विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 63 विधायकों में से लगभग तीन-चौथाई उनके पक्ष में लामबंद हैं। वेणुगोपाल को पार्टी हाईकमान और खासतौर पर Rahul Gandhi का करीबी माना जाता है।

दूसरी ओर वीडी सतीशन को राज्य में कांग्रेस का लोकप्रिय चेहरा माना जा रहा है। UDF के कई सहयोगी दल, विशेषकर Indian Union Muslim League (IUML), सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत कर रहे हैं।

गठबंधन सहयोगियों में बढ़ रही बेचैनी

मुख्यमंत्री चयन में हो रही देरी से UDF के भीतर भी असंतोष बढ़ता दिख रहा है। IUML ने सार्वजनिक रूप से चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि लंबे समय तक अनिश्चितता बनाए रखना राजनीतिक रूप से नुकसानदायक हो सकता है। गठबंधन दलों का मानना है कि चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद जल्द सरकार गठन होना चाहिए ताकि प्रशासनिक कामकाज और जनता से किए गए वादों पर तेजी से काम शुरू किया जा सके।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दिल्ली में कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व KPCC अध्यक्षों से मुलाकात करेंगे। जिन नेताओं से चर्चा की जाएगी उनमें शामिल हैं:

  • M. M. Hassan
  • V. M. Sudheeran
  • Mullappally Ramachandran
  • K. Muraleedharan
  • K. Sudhakaran

इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री A. K. Antony से भी राय ली जाएगी, जिन्हें केरल कांग्रेस राजनीति में बेहद प्रभावशाली माना जाता है।बताया जा रहा है कि अंतिम निर्णय खरगे और राहुल गांधी की सहमति से लिया जाएगा।

विधानसभा में UDF की मजबूत स्थिति

चुनाव में UDF ने कुल 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। गठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सीटों का आंकड़ा इस प्रकार है:

  • कांग्रेस – 63 सीटें
  • IUML – 22 सीटें
  • केरल कांग्रेस (KEC) – 8 सीटें
  • RSP – 3 सीटें

यह परिणाम केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है और इससे कांग्रेस को दक्षिण भारत में नई राजनीतिक ऊर्जा मिली है। मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में लंबी चर्चा और अंदरूनी खींचतान कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई राज्यों में चुनाव जीतने के बाद पार्टी को नेतृत्व तय करने में समय लगा है।

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