कोटा के MBS अस्पताल में वेतन विवाद: 300 संविदा कर्मियों का विरोध जारी, मरीजों की सेवाएं प्रभावित

राजस्थान के कोटा MBS अस्पताल में संविदा कर्मियों को तीन दिन से वेतन नहीं मिला। 300 कर्मियों ने काम का बहिष्कार कर नारेबाजी की, मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।

कोटा के MBS अस्पताल में संविदा कर्मियों को तीन दिन से सैलरी नहीं मिली है। नाराज 300 कर्मियों ने काम का बहिष्कार कर नारेबाजी की। इससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुईं और मरीजों को लंबी कतारों व परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कोटा: राजस्थान के कोटा स्थित महाराव भीम सिंह (MBS) हॉस्पिटल में संविदा पर कार्यरत लगभग 300 कर्मचारियों का वेतन न मिलने का विवाद लगातार गंभीर होता जा रहा है। गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी कर्मचारियों ने आंशिक कार्य बहिष्कार जारी रखा और अस्पताल परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन और ठेका कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।

वेतन न मिलने से कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश

संविदा कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। लगातार आंदोलन के बावजूद समाधान न निकलने से उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भी कर्मचारियों ने दो घंटे तक काम का बहिष्कार किया, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुईं।

अस्पताल परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी

आंदोलन के तीसरे दिन अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि न तो ठेका कंपनी उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रही है और न ही अस्पताल प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

कोटा के MBS अस्पताल में वेतन विवाद: 300 संविदा कर्मियों का विरोध जारी, मरीजों की सेवाएं प्रभावित

मरीजों और परिजनों को हुई भारी परेशानी

कार्य बहिष्कार का सीधा असर अस्पताल की सेवाओं पर पड़ा है। गुरुवार सुबह से ही पर्ची काउंटरों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर वार्ड सेवाओं तक कई काम प्रभावित हुए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। भीड़ अधिक होने के कारण व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं।

वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद सेवाएं प्रभावित

अस्पताल प्रशासन ने दावा किया है कि वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, लेकिन मरीजों की भारी संख्या के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही है। कई विभागों में स्टाफ की कमी के चलते रूटीन कामकाज बाधित हुआ है और मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन का बयान: बजट और तकनीकी कारणों से देरी

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वेतन भुगतान में देरी बजट और तकनीकी कारणों की वजह से हुई है। अधिकारियों का कहना है कि वे ठेका कंपनी और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं ताकि जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकाला जा सके और कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन दिया जा सके।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

संविदा कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मुख्य मांग लंबित वेतन का तुरंत भुगतान करना है। इसके साथ ही वे नियमित और समय पर वेतन भुगतान की व्यवस्था, ठेका कंपनी की जवाबदेही तय करने और भविष्य में देरी रोकने के लिए स्थायी प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं।

पूरी हड़ताल की चेतावनी से बढ़ी चिंता

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन जारी नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। वर्तमान में वे केवल दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन आगे आंदोलन और व्यापक हो सकता है, जिससे अस्पताल की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर संभावित असर

MBS अस्पताल को कोटा का प्रमुख सरकारी अस्पताल माना जाता है, जहां रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में अगर आंदोलन बढ़ता है तो ओपीडी सेवाएं, पर्ची काउंटर और वार्ड प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

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