लोकसभा चुनाव 2024 के बाद पहली बार वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। परिवार के साथ हुई इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई अटकलें तेज हो गई हैं।
UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पीलीभीत से पूर्व सांसद रहे वरुण गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। यह मुलाकात इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि लोकसभा चुनाव 2024 के बाद संभवतः यह पहली बार है जब वरुण गांधी प्रधानमंत्री से मिले हैं। इस मुलाकात की एक तस्वीर भी सामने आई है जिसमें वरुण गांधी अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलते नजर आ रहे हैं।
तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खास तौर पर उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीति और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
परिवार के साथ प्रधानमंत्री से मिले वरुण गांधी
जानकारी के अनुसार वरुण गांधी इस मुलाकात के दौरान अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी और बेटी भी मौजूद थीं। मुलाकात की तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरा परिवार दिखाई दे रहा है।
इस मुलाकात को लेकर वरुण गांधी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट भी साझा किया। अपने पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने को सौभाग्य बताया और कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री से आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।
वरुण गांधी ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए लिखा कि उनके व्यक्तित्व में एक पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात ने उनके मन में यह विश्वास और मजबूत कर दिया है कि प्रधानमंत्री देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।
तस्वीर सामने आते ही शुरू हुई राजनीतिक चर्चा
जैसे ही यह तस्वीर सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई, वैसे ही राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। कई राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार नहीं बल्कि इसके पीछे राजनीतिक संकेत भी हो सकते हैं। खासकर इसलिए क्योंकि पिछले कुछ समय से वरुण गांधी की राजनीतिक भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
इस मुलाकात के बाद यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में वरुण गांधी भारतीय जनता पार्टी के भीतर फिर से सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा कनेक्शन
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात को अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश देश की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है और यहां के चुनाव राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करते हैं।
ऐसे में वरुण गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को संभावित राजनीतिक गतिविधियों का संकेत माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वरुण गांधी सक्रिय राजनीति में फिर से मजबूत भूमिका निभाते हैं तो यह भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि अभी तक इस मुलाकात को लेकर किसी तरह का आधिकारिक राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाएं लगातार जारी हैं।
बीजेपी और सरकार की आलोचना कर चुके हैं वरुण गांधी
यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में वरुण गांधी कई बार भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए नजर आए थे। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भी उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी थी। किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए थे।
उनके इन बयानों के कारण कई बार राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी हुई कि क्या वरुण गांधी पार्टी के भीतर असहज महसूस कर रहे हैं या उनकी राजनीतिक दिशा अलग हो सकती है। लेकिन हालिया मुलाकात के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में पार्टी और वरुण गांधी के बीच संबंधों में नया बदलाव देखने को मिल सकता है।
पीलीभीत से नहीं मिला था टिकट
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले वरुण गांधी को पीलीभीत सीट से टिकट नहीं दिया गया था। पीलीभीत उनकी पारंपरिक सीट मानी जाती रही है और वहां से वह पहले सांसद भी रह चुके हैं।
जब पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उस समय राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। कई लोगों ने इसे पार्टी और वरुण गांधी के बीच दूरी के संकेत के रूप में भी देखा था।
उस समय यह भी कहा गया था कि पार्टी नेतृत्व ने चुनावी रणनीति के तहत नए उम्मीदवार को मौका देने का फैसला लिया था। लेकिन इसके बावजूद इस निर्णय ने काफी राजनीतिक चर्चाएं पैदा कर दी थीं।
मां मेनका गांधी के प्रचार में पहुंचे थे वरुण
लोकसभा चुनाव के दौरान वरुण गांधी अपनी मां और वरिष्ठ भाजपा नेता मेनका गांधी के समर्थन में प्रचार करने भी पहुंचे थे। मेनका गांधी उस समय सुल्तानपुर सीट से चुनाव लड़ रही थीं।
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन वरुण गांधी सुल्तानपुर पहुंचे थे और उन्होंने अपनी मां के समर्थन में लोगों से वोट देने की अपील की थी। हालांकि उस समय एक बात खास तौर पर चर्चा में रही थी कि जिस मंच पर वरुण गांधी मौजूद थे वहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा कोई पटका नहीं पहना था।










