LIVE: लखनऊ अग्निकांड में 15 मौतें, LDA ने चिपकाया नोटिस; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील, आज भी चलेगा अभियान

लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद कार्रवाई तेज। LDA ने भवन पर नोटिस चिपकाया, यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील, आज भी जांच जारी रहेगी।
LIVE: लखनऊ अग्निकांड में 15 मौतें, LDA ने चिपकाया नोटिस; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील, आज भी चलेगा अभियान
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लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने संबंधित भवन पर नोटिस चस्पा कर दिया है। वहीं पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के दौरान अब तक 48 कोचिंग सेंटरों को सील किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को भी कई जिलों में जांच और कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा।

अलीगंज की जिस इमारत में आग लगी थी, वहां कोचिंग, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरा भवन धुएं से भर गया था। कई छात्र और कर्मचारी अंदर फंस गए, जिससे बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान हुआ। राहत और बचाव कार्य घंटों तक चला और दमकल विभाग को लोगों को बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास करने पड़े।

हादसे के बाद सामने आई शुरुआती जांच में भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भवन में फायर सेफ्टी के नियमों का पालन किया गया था या नहीं। आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और भवन के उपयोग से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

LDA द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में भवन से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं पर जवाब मांगा गया है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि भवन का उपयोग स्वीकृत मानकों के अनुरूप हो रहा था या नहीं। मामले में संबंधित अधिकारियों और भवन संचालकों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है। जिला प्रशासन, फायर विभाग और स्थानीय निकायों की संयुक्त टीमें कोचिंग सेंटरों, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स और कॉमर्शियल बिल्डिंग्स का निरीक्षण कर रही हैं। जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाई गई हैं।

अधिकारियों के अनुसार अब तक 48 कोचिंग सेंटरों को सील किया जा चुका है। कई अन्य संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा और अन्य शहरों में भी बड़े पैमाने पर जांच की जा रही है। कई जगहों पर ऐसे संस्थान मिले हैं जहां फायर सेफ्टी की बुनियादी व्यवस्थाएं तक मौजूद नहीं थीं। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस पूरे मामले की निगरानी की जा रही है। हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जांच एजेंसियां आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जांच रही हैं कि कहीं लापरवाही या नियमों की अनदेखी तो इस त्रासदी की वजह नहीं बनी।

फिलहाल प्रदेशभर में चल रहे चेकिंग अभियान के तहत आज भी दर्जनों कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

 

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