Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र में चुनावी हलचल, उद्धव ठाकरे ने बागी नेताओं के खिलाफ उठाया सख्त कदम, पांच प्रमुख नेताओं को किया निलंबित

Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र में चुनावी हलचल, उद्धव ठाकरे ने बागी नेताओं के खिलाफ उठाया सख्त कदम, पांच प्रमुख नेताओं को किया निलंबित, ठाकरे का बागी

शिवसेना यूबीटी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बागी नेताओं रूपेश म्हात्रे, विश्वास नांदेकर, चंद्रकांत घुगुल, संजय अवारी और प्रसाद ठाकरे को निष्कासित कर दिया है।

Shiv Sena UBT Rebel Leaders: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने बागियों पर कड़ा एक्शन लिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उद्धव ठाकरे ने भिवंडी के पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे, विश्वास नांदेकर, चंद्रकांत घुगुल, संजय अवारी और प्रसाद ठाकरे समेत पांच नेताओं को निष्कासित कर दिया है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने भिवंडी लोकसभा क्षेत्र के संपर्क प्रमुख रूपेश म्हात्रे को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उद्धव ठाकरे के आदेश पर निष्कासित कर दिया है। रूपेश म्हात्रे ने भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन पार्टी विरोधी बयानों और गतिविधियों के कारण उन्हें बाहर कर दिया गया। हालांकि बाद में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था।

शिवसेना यूबीटी का सख्त कदम

Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र में चुनावी हलचल, उद्धव ठाकरे ने बागी नेताओं के खिलाफ उठाया सख्त कदम, पांच प्रमुख नेताओं को किया निलंबित

शिवसेना केंद्रीय कार्यालय ने जानकारी दी है कि वाणी विधानसभा के जिला प्रमुख विश्वास नांदेक, ज़री तालुका प्रमुख चंद्रकांत घुगुल, मारेगांव तालुका प्रमुख संजय अवारी और यवतमाल जिले के वाणी तालुका प्रमुख प्रसाद ठाकरे को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते शिवसेना से निष्कासित कर दिया गया है।

उद्धव ठाकरे ने बागियों को उद्धव ठाकरे का अल्टीमेटम

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 4 नवंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि थी। शिवसेना यूबीटी समेत एमवीए के अन्य सहयोगी दलों के कई नेताओं ने बागी होकर निर्दलीय पर्चा भरा था। इसी कारण एमवीए के घटक दलों के प्रमुख, शरद पवार (एनसीपी एसपी) और उद्धव ठाकरे (शिवसेना यूबीटी), ने बागी नेताओं को अल्टीमेटम दिया था कि यदि समय रहते नामांकन वापस नहीं लिया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कई नेताओं ने नामांकन वापस ले लिए, लेकिन कुछ अपने फैसले पर डटे रहे, जिसके चलते अब उद्धव ठाकरे की पार्टी ने उन पर कार्रवाई की है।

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