बड़ी-बड़ी मासूम आँखों वाली नवजात बच्ची को जन्म देते ही उसकी मां ने झाड़ियों में फेंक दिया, जहाँ कांटों ने उसके नाजुक शरीर को लहूलुहान कर दिया। दर्द से तड़पती इस बच्ची की सिसकियां राहगीरों तक पहुँचीं और समय रहते मिली मदद ने उसकी जान बचा ली। अब वह सीएचसी में सुरक्षित है।
आगरा: घटना उस समय सामने आई जब झाड़ियों से नवजात की दर्दभरी सिसकियां सुनाई दीं। बड़ी-बड़ी मासूम आँखों वाली बच्ची को उसकी मां जन्म देते ही झाड़ियों में छोड़ गई थी। नाल तक नहीं कटी थी और तेज कांटों ने उसके शरीर को जगह-जगह घायल कर दिया था। दर्द से कराहती यह नन्ही जान घंटों तक जिंदगी और मौत के बीच लड़ती रही, जैसे किसी से पूछ रही हो—उसकी गलती आखिर क्या थी।
दोपहर में वहाँ से गुजरने वालों ने रोने की आवाजें सुनीं और तुरंत पुलिस व स्थानीय लोगों ने बच्ची को बाहर निकाला। उसे गंभीर हालत में सीएचसी ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है और फिलहाल वह पूरी तरह सुरक्षित है। प्रशासन अब नवजात को फेंकने वाली मां की तलाश कर रहा है, जबकि बाल संरक्षण समिति ने बच्ची की काउंसलिंग और देखभाल की जिम्मेदारी संभाल ली है।
झाड़ियों से अस्पताल तक
झाड़ियों में तड़पती मिली नवजात की हालत देखकर अस्पताल कर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। तेज कांटों से घायल यह बच्ची कई घंटों तक रोती रही, ताकि कोई उसकी पुकार सुन ले। आखिरकार राहगीरों की सूचना पर स्वास्थ्य टीम पहुंची और उसे कपड़े में लपेटकर अस्पताल ले गई।
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इलाज के बाद बच्ची अब सुरक्षित है, लेकिन उसका अगला ठिकाना बाल संरक्षण समिति तय करेगी। जिस जगह उसे बेसहारा छोड़ दिया गया था, उससे कहीं बेहतर वातावरण में अब उसकी जिंदगी नए सिरे से शुरू होगी।
झाड़ियों में मिली मासूम
बाह सीएचसी परिसर में सोमवार दोपहर अचानक रोने की हल्की आवाज सुनाई दी, जिसने स्वास्थ्यकर्मियों को चौंका दिया। स्टोर रूम के पीछे झाड़ियों में एक नवजात बच्ची पड़ी मिली, जिसके शरीर पर कांटों से गहरे निशान थे और नाल भी नहीं कटी थी। उसे तुरंत प्रसव कक्ष में ले जाकर प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।
एनबीएसयू वार्ड में रेडिएंट वार्मर पर रखी गई बच्ची अब खतरे से बाहर है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर मेडिकल हस्तक्षेप न होता तो उसकी जान बचना मुश्किल था। टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस जांच तेज, सीसीटीवी खंगाले
घटना की जानकारी मिलते ही बाह पुलिस अस्पताल पहुंची और नवजात को झाड़ियों में फेंकने की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि बच्ची को जन्म के तुरंत बाद यहां छोड़ दिया गया था।
पुलिस ने अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि बच्चे को यहां किसने और कब छोड़ा, इसका सुराग मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके और बच्चे को उचित संरक्षण मिल सके।








