Maratha Reservation: मनोज जरांगे ने ठुकराई सरकार की अपील, 11 सितंबर तक का दिया अल्टीमेटम

Maratha Reservation को लेकर मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार की अपील ठुकराते हुए अनशन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने मांगें पूरी करने के लिए 11 सितंबर

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रही। 

Maratha Reservation Protest: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर तेज हो गया है। अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल छठे दिन भी जारी रही। सरकार के मंत्रियों ने आंदोलन खत्म करने की अपील की, लेकिन जरांगे अपनी मांगों पर अड़े रहे।महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर सरकार और आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल के बीच गतिरोध बरकरार है। 

जालना जिले के अंतरवाली सराटी में जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रही। उनकी तबीयत बिगड़ने की चिंता जताते हुए राज्य सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा और आंदोलन स्थगित करने की अपील की। सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, उदय सामंत, मकरंद आबा पाटिल और भाजपा विधायक प्रसाद लाड शामिल थे। 

बैठक के दौरान मराठा समुदाय की विभिन्न मांगों, कुनबी रिकॉर्ड, प्रमाणपत्र और अन्य सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। सरकार ने कई कदम उठाने का भरोसा दिया, लेकिन जरांगे ने भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया।

कुनबी रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र को लेकर सरकार का क्या आश्वासन?

मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के मुताबिक, सरकार 5 सितंबर तक कुनबी रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों तक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा हैदराबाद गजट के आधार पर पात्र मराठा लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है। सरकार ने मराठवाड़ा क्षेत्र के मराठा समुदाय के पात्र लोगों से 6 सितंबर से प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने की अपील की है। 

अधिकारियों के स्तर पर किसी समस्या की स्थिति में संबंधित जिला कलेक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। सरकार ने प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी बात कही है, ताकि प्रमाणपत्र से संबंधित प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों का समाधान किया जा सके।

58 लाख कुनबी रिकॉर्ड का क्या है मामला?

Maratha Reservation: मनोज जरांगे ने ठुकराई सरकार की अपील, 11 सितंबर तक का दिया अल्टीमेटम

सरकार के अनुसार, शिंदे समिति ने अब तक करीब 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड की पहचान की है। इन दस्तावेजों के आधार पर पात्र लोगों के प्रमाणपत्र और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को गति देने की कोशिश की जा रही है। विखे पाटिल ने यह भी कहा कि ओबीसी रियायतों से जुड़े सरकारी आदेश 8 सितंबर को जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही मराठा आरक्षण से संबंधित मामलों के लिए एक अलग मराठा आरक्षण प्रकोष्ठ गठित करने की बात कही गई है।

सरकार ने अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के लिए 300 करोड़ रुपये आवंटित करने का भी आश्वासन दिया है। मंत्री ने जरांगे से स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंदोलन समाप्त करने की अपील की।

मनोज जरांगे ने क्यों ठुकराई सरकार की अपील?

सरकार के आश्वासनों के बावजूद मनोज जरांगे पाटिल ने अपना आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों को लागू नहीं किया जाता, तब तक वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उदय सामंत और भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने भी जरांगे से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अस्पताल में भर्ती होने और आंदोलन स्थगित करने की अपील की। हालांकि, जरांगे ने इन अपीलों को स्वीकार नहीं किया।

जरांगे ने सरकार को 11 सितंबर 2026 तक का समय दिया है। उनका कहना है कि इस अवधि के भीतर यदि उनकी सभी मांगों को लागू कर दिया जाता है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी।

11 सितंबर के बाद क्या होगा?

मनोज जरांगे के मुताबिक, अगर सरकार 11 सितंबर तक सभी मांगों को लागू करती है, तो मराठा समुदाय मुंबई में गुलाल के साथ पहुंचकर इसे अपनी जीत के रूप में मनाएगा। वहीं, यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन को मुंबई तक ले जाने की तैयारी है। जरांगे ने संकेत दिया है कि मुंबई की ओर मार्च की तारीख 12 सितंबर को होने वाली बैठक के बाद घोषित की जाएगी। उन्होंने मौजूदा आंदोलन को अपना अंतिम आंदोलन भी बताया है और कहा कि सभी मांगें पूरी होने की स्थिति में उन्हें दोबारा आंदोलन शुरू करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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