राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शुक्रवार को मास्को में डेनिस मंटुरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की।
World News: रूस की राजधानी मास्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच के दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कई अहम द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया। इन बैठकों में भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा
मास्को में डोभाल ने रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की गई। विशेष रूप से रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान और तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों पक्षों ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य पर भी विचार-विमर्श किया। इस दौरान यह सहमति बनी कि भारत और रूस को अपने पारंपरिक सहयोग को आधुनिक जरूरतों के अनुसार और अधिक मजबूत करना चाहिए। रक्षा उत्पादन, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग को नई दिशा देने पर भी चर्चा हुई।
म्यांमार के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग

इसी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच के दौरान एनएसए डोभाल ने म्यांमार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टिन आंग सान से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने सुरक्षा, रक्षा सहयोग, सीमा संपर्क और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा करते हुए यह माना कि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थिरता के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण बेहद आवश्यक है।
म्यांमार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि वह आगामी महीनों में बिम्सटेक (BIMSTEC) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में भारत के साथ और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
पूर्व बैठकों और व्यापक कूटनीतिक संवाद
इससे पहले डोभाल ने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से भी मुलाकात की थी। इस बैठक में भी रक्षा सहयोग, सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई थी। यह सिलसिला दर्शाता है कि भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय सुरक्षा संवाद लगातार सक्रिय और विस्तृत हो रहा है।मास्को दौरे के दौरान अजीत डोभाल ने रूस के राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र का भी दौरा किया। यह केंद्र विश्व की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री वेरा टेरेश्कोवा के नाम पर स्थापित किया गया है, जो रूस के अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
इस दौरे के दौरान डोभाल ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद रूसी अंतरिक्ष दल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की। इस बातचीत में अंतरिक्ष अनुसंधान, मानव अंतरिक्ष उड़ान और भविष्य की संयुक्त परियोजनाओं पर विचार साझा









