बारामती प्लेन हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन ने महाराष्ट्र की राजनीति और जनता में गहरा शोक पैदा किया है। 28 जनवरी को हुए इस हादसे के बाद एनसीपी (नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी) ने मामले की जांच और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
मुंबई: बारामती प्लेन हादसे में डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन को लेकर अब कई सवाल उठने लगे हैं। यह हादसा 28 जनवरी को बारामती में हुआ था। इसके बाद एनसीपी ने इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने इसे पूरी तरह से एक हादसे के रूप में बताया और राजनीति से अलग रखा।
वहीं, नेता रोहित पवार ने अजित पवार के निधन पर प्रेस वार्ता के दौरान सिलसिलेवार तरीके से सवाल उठाए। अब इस मामले में लंबे समय से चुप्पी साधे एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले का भी समर्थन मिलने लगा है, जिससे मामले की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
रोहित पवार द्वारा उठाए गए सवाल
नेता रोहित पवार ने अजित पवार के निधन को लेकर कई अहम सवाल प्रेस वार्ता के माध्यम से उठाए। उन्होंने घटनाक्रम, विमान की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए। उनका कहना है कि मामले की पूरी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए ताकि किसी तरह की अटकलों और अफवाहों को खत्म किया जा सके।
हालांकि, एनसीपी अध्यक्ष Sharad Pawar ने इस हादसे को पूरी तरह राजनीति से परे मानते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया था, लेकिन पार्टी के भीतर सवाल उठाने वाले रोहित पवार को अब सुप्रिया सुले का खुला समर्थन मिल गया है।
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सुप्रिया सुले का बयान
एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि “प्यारे अजितदादा की एक्सीडेंट में दुखद मौत से पूरे महाराष्ट्र में शॉक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर कई तरह के शक और आशंकाएं जताई जा रही हैं। लोगों की भावनाएं बहुत ज़्यादा हैं, और लोग अभी भी गहरे दुख में हैं।
सुले ने आगे लिखा, “MLA रोहित पवार बहुत सोच-समझकर और रिसर्च करके कई बातें, फैक्ट्स और सवाल उठा रहे हैं। लोगों को इनके जवाब मिलने चाहिए। अगर अधिकारी इन जवाबों को देने में देरी करते हैं, तो बेचैनी और बढ़ेगी। इसे बढ़ने से रोकने के लिए, यह बहुत जरूरी है कि इस घटना का सच पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट तरीके से जनता के सामने आए।”
सुरक्षा और पारदर्शिता की आवश्यकता
सुप्रिया सुले के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि रोहित पवार के सवालों को एनसीपी के भीतर भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने पारदर्शी जांच, समयबद्ध जवाब और रोहित पवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग पर जोर दिया। उनका कहना है कि जनता के सवालों के जवाब देना और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सुले ने महाराष्ट्र की जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि समाज में विश्वास बनाए रखना और अफवाहों से बचना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि अधिकारी और जांच एजेंसियां पूरी पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र में जनता और राजनीतिक circles में शोक का माहौल है। सोशल मीडिया पर लोग इस हादसे को लेकर चिंता और आशंका व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग चाहते हैं कि हादसे के पीछे की वास्तविक वजह सामने आए और किसी प्रकार की गुप्त बातें न रह जाएं।










