उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एमएलसी चुनाव 2026 की प्रक्रिया मंगलवार, 29 सितंबर से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होने के साथ ही उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए इस बार नामांकन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले अलग-अलग कक्षों में नामांकन की व्यवस्था होती थी, लेकिन इस बार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के नामांकन मंडलायुक्त कोर्ट में एक ही कक्ष में कराए जाएंगे। नामांकन 6 अक्टूबर तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे।
आगरा खंड के एमएलसी चुनाव में आगरा के साथ कुल 12 जिले शामिल हैं। इनमें आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा, हाथरस, इटावा, औरैया, कन्नौज और फर्रुखाबाद शामिल हैं। इन सभी जिलों के शिक्षक और स्नातक मतदाता संबंधित एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करेंगे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 12 जिलों में शिक्षक खंड में करीब 51 हजार, जबकि स्नातक खंड में लगभग 1.80 लाख मतदाता हैं।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर से नामांकन शुरू होने के बाद 6 अक्टूबर अंतिम तारीख होगी। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है। 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।
आगरा में नामांकन की नई व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंडलायुक्त कार्यालय के गेट से लेकर नामांकन कक्ष तक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। नामांकन कक्ष में केवल प्रत्याशी और उनके प्रस्तावकों को प्रवेश की अनुमति होगी। बिना अनुमति किसी अन्य व्यक्ति को नामांकन कक्ष में जाने की इजाजत नहीं होगी।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने तैयारी की है। नामांकन के दौरान मंडलायुक्त कार्यालय में अनावश्यक भीड़ न हो, इसके लिए प्रवेश व्यवस्था को नियंत्रित रखा जाएगा। प्रशासन की ओर से लोगों से भी अपील की गई है कि एमएलसी चुनाव के चलते नामांकन अवधि में मंडलायुक्त कार्यालय में अनावश्यक रूप से न आएं। जरूरी काम से आने वाले लोगों को दोपहर तीन बजे के बाद आने की सलाह दी गई है।
इस चुनाव में आगरा के अलावा 11 अन्य जिलों के मतदाता भी शामिल हैं। यही वजह है कि आगरा खंड के निर्वाचन क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा है। 12 जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और मतदाता सूची के आधार पर पात्र शिक्षक तथा स्नातक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चुनाव में सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता मतदान नहीं करते, बल्कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की निर्धारित मतदाता सूची में शामिल शिक्षक और स्नातक ही वोट डालते हैं।
आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पिछले चुनाव की तुलना में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। वर्ष 2020 में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 26,768 मतदाता थे, जबकि वर्तमान आंकड़ों के अनुसार यह संख्या बढ़कर करीब 39,974 हो गई है। यानी करीब 13,206 मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है।
आगरा जिले की बात करें तो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वर्ष 2020 में 18,168 मतदाता थे। ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन आए। इनमें स्वीकृत दावों के बाद 5,426 स्नातकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए और वर्तमान में आगरा जिले में स्नातक खंड के 23,594 मतदाता बताए गए हैं। शिक्षक खंड में भी मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में यहां 8,600 मतदाता थे, जबकि अब यह संख्या 16,380 बताई गई है।
एमएलसी चुनाव में मतदान की प्रक्रिया भी सामान्य चुनावों से अलग होती है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत यानी Single Transferable Vote पद्धति से मतदान कराया जाता है। मतदाता उम्मीदवारों के सामने अपनी पसंद का क्रम दर्ज करते हैं। पहली पसंद के सामने '1' लिखना जरूरी होता है। इसके बाद दूसरी, तीसरी और अन्य पसंद दर्ज करना मतदाता की इच्छा पर निर्भर करता है। इन चुनावों में NOTA का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।
नामांकन के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित प्रपत्रों के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए जमानत राशि 10 हजार रुपये और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5 हजार रुपये निर्धारित है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को पार्टी से संबंधित निर्धारित प्रपत्र भी जमा करने होंगे।
उत्तर प्रदेश में इस बार कुल 11 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कराया जा रहा है। इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं। संबंधित मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है।
आगरा खंड के दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन की ओर से समीक्षा भी की गई है। सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सहायक रिटर्निंग अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। नामांकन से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई जाएगी। चुनाव के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू है।
एमएलसी चुनाव के दौरान नामांकन केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। प्रत्याशी और उनके प्रस्तावकों को ही निर्धारित कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। इससे नामांकन प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
आगरा में नामांकन व्यवस्था में किया गया बदलाव इस चुनाव की तैयारियों का प्रमुख हिस्सा है। पहले अलग-अलग कक्षों में नामांकन दाखिल करने की व्यवस्था थी, लेकिन इस बार आयोग के निर्देश पर एक ही कक्ष में नामांकन कराया जा रहा है। प्रशासन ने इसके लिए मंडलायुक्त कोर्ट को निर्धारित किया है। नामांकन प्रक्रिया सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी।
अब 6 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए जाते हैं। 9 अक्टूबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर साफ होगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।











