बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में कई अहम बदलाव सामने लाए हैं। चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम घोषित हो चुके हैं जबकि चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना को लेकर भी लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय जनता दल जन सुराज जनता दल यूनाइटेड और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला देखने को मिला। शिक्षक सीटों पर अलग-अलग दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। पटना शिक्षक सीट पर राजद ने जीत हासिल की जबकि तिरहुत शिक्षक सीट भाजपा के खाते में गई। दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के प्रत्याशी विजयी रहे और सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम इस चुनाव के सबसे चर्चित नतीजों में शामिल रहा। यहां राजद के डॉ संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को पराजित किया। डॉ संजीव कुमार को कुल 4487 मत मिले जबकि नवल किशोर यादव को 3430 मत प्राप्त हुए। इस तरह राजद प्रत्याशी ने 1057 मतों के अंतर से जीत हासिल की। नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके थे इसलिए इस बार उनकी हार को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस जीत से राजद को शिक्षक मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला है।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी भूषण कुमार झा को हराया। मतगणना के उपलब्ध आंकड़ों में नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत की पुष्टि हुई और भाजपा ने इस सीट पर अपना प्रतिनिधित्व हासिल किया। इस निर्वाचन क्षेत्र में कई प्रत्याशी मैदान में थे और मतगणना के दौरान मुकाबले पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई थी। तिरहुत शिक्षक सीट का परिणाम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण रहा जबकि अन्य शिक्षक सीटों पर अलग-अलग दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने सफलता हासिल की।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ राहुल राज ने जीत दर्ज की। राहुल राज भाजपा के बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे और उन्होंने दूसरी वरीयता के मतों की गणना के बाद जीत हासिल की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1815 मतों से हराया। इस परिणाम ने चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बना दिया। वहीं दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मौजूदा एमएलसी डॉ मदन मोहन झा को हराकर जीत हासिल की। इस परिणाम के साथ जन सुराज को बिहार विधान परिषद में चुनावी सफलता मिली।
चार शिक्षक सीटों के नतीजे सामने आने के बाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना पर ध्यान केंद्रित रहा। बिहार की चार स्नातक सीटें पटना तिरहुत दरभंगा और पूर्णिया कोसी हैं। इन सीटों पर मतपत्रों की गिनती और वरीयता मतों की प्रक्रिया के कारण अंतिम परिणाम आने में समय लग सकता है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में केवल पहली वरीयता के मतों के आधार पर हर बार विजेता तय नहीं होता। यदि किसी उम्मीदवार को जीत के लिए आवश्यक मत नहीं मिलते हैं तो चुनावी नियमों के अनुसार अगली वरीयता के मतों की गणना की जाती है। इसी वजह से शुरुआती बढ़त और अंतिम जीत के बीच अंतर हो सकता है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार राजद के दिलीप पटेल और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला चर्चा में रहा। अनंत सिंह ने जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। इस वजह से चुनाव के दौरान राजनीतिक हलकों में भी इस सीट को लेकर चर्चा बनी रही। मतगणना के शुरुआती अपडेट में अलग-अलग चरणों पर उम्मीदवारों की स्थिति बदलती दिखाई दी। इसलिए किसी शुरुआती राउंड के आंकड़े को अंतिम नतीजा मानना सही नहीं होगा। पटना स्नातक सीट की अंतिम स्थिति के लिए आधिकारिक परिणाम देखना जरूरी है।
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर ब्रजवासी मतगणना के शुरुआती दौर में बढ़त बनाए हुए थे। शुरुआती राउंड के आंकड़ों में उनके और अन्य प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर सामने आया था लेकिन आगे की गिनती के साथ स्थिति बदल सकती थी। इस सीट पर जदयू और राजद के उम्मीदवार भी मुकाबले में थे। वहीं दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थित प्रत्याशी सर्वेश कुमार और राजद के अनिल कुमार झा के बीच मुकाबला बना हुआ था। पूर्णिया कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ एनके यादव पहली वरीयता के मतों में आगे बताए गए थे। इन सीटों पर अंतिम नतीजे घोषित होने से पहले मतगणना और वरीयता मतों की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
बिहार एमएलसी चुनाव में कुल आठ सीटों के लिए करीब 150 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत स्नातक सीटों की तुलना में अधिक रहा। मतगणना बैलेट पेपर से होने और वरीयता मतों की गणना की प्रक्रिया के कारण नतीजों में समय लगा। शिक्षक सीटों के परिणामों में भाजपा राजद जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की जबकि स्नातक सीटों पर मतगणना के अलग-अलग चरणों से जुड़े अपडेट सामने आए।
कुल मिलाकर बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों में अलग-अलग दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को सफलता मिली है। पटना शिक्षक सीट पर राजद की जीत तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा की सफलता दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज की जीत और सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय राहुल राज का विजयी होना प्रमुख घटनाक्रम रहे। स्नातक सीटों की अंतिम स्थिति को लेकर आधिकारिक नतीजों की पुष्टि जरूरी है। आठों सीटों के परिणाम पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही बिहार विधान परिषद चुनाव की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।







