MP चावल घोटाले में नया मोड़, रिमांड खत्म होते ही पूर्व मंत्री के भतीजे समेत तीन आरोपी अस्पताल में भर्ती

बालाघाट चावल घोटाले में रिमांड खत्म होने के बाद पूर्व मंत्री के भतीजे समेत तीन आरोपी बीमार पड़ गए। तीनों को जेल के बजाय जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बालाघाट में एथेनॉल चावल घोटाले के तीन आरोपित पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद अचानक बीमार पड़ गए। इनमें पूर्व मंत्री के भतीजे अविनाश कावरे और दो राइस मिलर शामिल हैं, जिन्हें जेल भेजने के बजाय जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बालाघाट: मध्य प्रदेश के चर्चित एथेनॉल चावल घोटाले की जांच के बीच तीन आरोपितों के रिमांड खत्म होने पर अस्पताल पहुंचने से मामला फिर चर्चा में आ गया है। पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे समेत तीनों आरोपितों ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेजने के बजाय जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

रिमांड खत्म होते ही तीनों की तबीयत बिगड़ी

मध्य प्रदेश के बालाघाट में सामने आए एथेनॉल चावल घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच टीम की कार्रवाई के बीच शनिवार को नया घटनाक्रम सामने आया। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही उनकी तबीयत खराब हो गई।

पुलिस के अनुसार, तीनों ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की शिकायत की। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया। इस वजह से उन्हें तत्काल जेल नहीं भेजा जा सका।

इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर इसलिए कि तीनों आरोपितों की पुलिस रिमांड एक ही समय पर पूरी हुई और उसी दौरान उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई।

कौन-कौन है मामले में आरोपित

इस मामले में एसआईटी ने पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे को गिरफ्तार किया था। उनके साथ महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी राइस मिलर जुगलप्रसाद खंडेलवाल और उनके भाई किशनलाल खंडेलवाल को भी गिरफ्तार किया गया।

जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए अदालत से तीनों की पुलिस रिमांड हासिल की थी। रिमांड के दौरान जांच टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों, लेनदेन और कथित चावल घोटाले से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश की।

रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शनिवार को तीनों को अदालत के समक्ष पेश किया जाना था। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी शिकायत सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो गई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

राइस मिलर पहले भी हो चुका है अस्पताल में भर्ती

मामले में गिरफ्तार राइस मिलर जुगलप्रसाद खंडेलवाल पहले भी स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती हो चुका है। बताया गया है कि जुलाई में एसआईटी ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। उस समय उसने ब्लड प्रेशर बढ़ने और सीने में दर्द की शिकायत की थी।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब एक बार फिर पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उसके अस्पताल पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

इस घटनाक्रम के बाद जांच से जुड़े अधिकारियों के सामने आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर चिकित्सकीय रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो गई है। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे परीक्षण और उनकी रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि आरोपितों को आगे कब अदालत के सामने पेश किया जा सकता है।

अस्पताल में भर्ती होने से जांच पर क्या असर पड़ेगा

चावल घोटाले की जांच में एसआईटी की कार्रवाई जारी है। तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों को जोड़ने में जुटी थी। रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया होनी थी, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण फिलहाल उन्हें अस्पताल में रखा गया है।

अब पुलिस और जांच एजेंसी को चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार अगली कार्रवाई करनी होगी। यदि डॉक्टर उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने योग्य बताते हैं, तो इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जा सकता है और आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू होगी।

तीनों आरोपितों का एक साथ अस्पताल में भर्ती होना मामले में चर्चा का विषय जरूर बन गया है, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति और इलाज से संबंधित अंतिम जानकारी चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल अस्पताल में उनकी निगरानी की जा रही है और एसआईटी की जांच आगे की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी रहने की संभावना है।

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