Noida International Airport से शुरू हुई कमर्शियल उड़ानें, लखनऊ से पहुंची पहली फ्लाइट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का आगाज हो गया है। लखनऊ से पहली फ्लाइट जेवर पहुंची, जिससे यूपी और NCR की हवाई कनेक्टिविटी को नई उड़ान मि

Noida International Airport से आज वाणिज्यिक उड़ानों का औपचारिक संचालन शुरू हो गया। एयरपोर्ट के इतिहास की पहली निर्धारित यात्री उड़ान सुबह 8:05 बजे Lucknow से यात्रियों को लेकर नए रनवे पर उतरी।

लखनऊ: भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को आधिकारिक तौर पर कमर्शियल उड़ानों का संचालन शुरू हो गया। पहली निर्धारित फ्लाइट लखनऊ से सुबह 8:05 बजे यात्रियों को लेकर जेवर स्थित एयरपोर्ट पहुंची, जिसके साथ ही देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक ने परिचालन की शुरुआत कर दी।

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट 6E-2278 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने वाली पहली शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट बनी। इसके बाद यही विमान यात्रियों को लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने जेवर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एयरपोर्ट के वाणिज्यिक संचालन का शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री मोदी के विजन का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को किया था। इसके बाद 28 मार्च को एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद से ही यात्रियों और उद्योग जगत को यहां से नियमित उड़ानों के शुरू होने का इंतजार था, जो अब पूरा हो गया है। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक रणनीतिक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी नई गति मिलेगी।

11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी को इसके विकास और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले चरण में 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण कार्य पूरा किया गया है। आधुनिक तकनीक, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट भारत के सबसे आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल होने जा रहा है।

शुरुआती चरण में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से देश के लगभग 45 शहरों के लिए करीब 65 कमर्शियल उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, नया एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नेटवर्क भी लगातार विस्तारित किया जाएगा।

Noida International Airport से शुरू हुई कमर्शियल उड़ानें, लखनऊ से पहुंची पहली फ्लाइट

रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है। एयरपोर्ट के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, होटल, पर्यटन, वेयरहाउसिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक और व्यावसायिक कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेंगे।

चार चरणों में होगा विस्तार, एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में होगा शामिल

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जाएगा। सभी चरण पूरे होने के बाद इसे एशिया के सबसे बड़े और दुनिया के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल करने की योजना है। बढ़ती यात्री संख्या और कार्गो सेवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए इसका विस्तार भविष्य की जरूरतों के अनुरूप किया जा रहा है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत भारत के तेजी से विकसित हो रहे एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक एविएशन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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