पटना साहिब में 360वें प्रकाश पर्व की भव्य तैयारी, टेंट सिटी और ड्रोन शो होंगे खास आकर्षण

पटना साहिब में 360वें प्रकाश पर्व की तैयारियां तेज हैं। श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी बनेगी। ड्रोन शो, सिख कॉन्क्लेव और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे खास आकर्षण।
पटना साहिब में 360वें प्रकाश पर्व की भव्य तैयारी, टेंट सिटी और ड्रोन शो होंगे खास आकर्षण
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पटना साहिब में 360वें प्रकाश पर्व को भव्य और यादगार बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार आयोजन को लेकर विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं, ताकि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें धार्मिक आयोजन के साथ आधुनिक तकनीक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी अनुभव हो। प्रकाश पर्व के दौरान टेंट सिटी बनाने की तैयारी है, जहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन शो और कॉन्क्लेव को भी आयोजन के प्रमुख आकर्षण के रूप में शामिल करने की योजना है।

पटना साहिब सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की जन्मस्थली होने के कारण पूरी दुनिया के सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। यहां आयोजित होने वाले प्रकाश पर्व में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। 360वें प्रकाश पर्व को लेकर भी देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशों से श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसे देखते हुए आयोजन की तैयारियों में आवास, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रकाश पर्व के दौरान प्रस्तावित टेंट सिटी श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकती है। बाहर से आने वाले लोगों को ठहरने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्थायी आवासीय व्यवस्था तैयार की जाएगी। टेंट सिटी में श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में ठहरने की व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर आवास की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में टेंट सिटी की व्यवस्था आयोजन को व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

इस बार प्रकाश पर्व में ड्रोन शो भी आकर्षण का केंद्र बनने की तैयारी में है। आधुनिक तकनीक के जरिए आसमान में रोशनी और विशेष आकृतियों के माध्यम से गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के जीवन और सिख परंपरा से जुड़े संदेशों को प्रस्तुत किया जा सकता है। ड्रोन शो के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव देने की योजना है। धार्मिक आयोजन में तकनीक के इस इस्तेमाल से युवाओं और परिवारों के बीच भी विशेष उत्साह देखने को मिल सकता है। हालांकि ड्रोन शो के आयोजन और उसके स्वरूप से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

आयोजन में कॉन्क्लेव को भी प्रमुख स्थान दिया जा रहा है। इसके जरिए सिख धर्म की शिक्षाओं गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के जीवन दर्शन सामाजिक समरसता सेवा और मानवता से जुड़े विचारों पर चर्चा की जा सकती है। ऐसे कार्यक्रमों में विद्वानों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की भागीदारी से प्रकाश पर्व को धार्मिक उत्सव के साथ विचार और संवाद का मंच भी बनाया जा सकेगा। कॉन्क्लेव के माध्यम से नई पीढ़ी को सिख इतिहास और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

प्रकाश पर्व के दौरान गुरुद्वारा तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में मत्था टेकने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जरूरत होगी। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात प्रबंधन पार्किंग और मार्गों की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में साफ सफाई पेयजल रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण रहेगी।

पटना साहिब में प्रकाश पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। इस आयोजन के जरिए राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण स्थानीय व्यापार होटल परिवहन और अन्य कारोबारों को भी लाभ मिल सकता है। टेंट सिटी ड्रोन शो और कॉन्क्लेव जैसी योजनाओं से आयोजन को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है।

360वें प्रकाश पर्व की तैयारियों के आगे बढ़ने के साथ अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजरें आयोजन की विस्तृत रूपरेखा पर रहेंगी। टेंट सिटी कहां बनाई जाएगी उसमें कितने लोगों के ठहरने की व्यवस्था होगी ड्रोन शो किस दिन आयोजित किया जाएगा और कॉन्क्लेव में कौन कौन शामिल होंगे इन सभी जानकारियों का इंतजार है। आधिकारिक कार्यक्रम और प्रशासनिक तैयारियों की पूरी जानकारी सामने आने के बाद आयोजन की तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल इतना तय है कि पटना साहिब में इस बार प्रकाश पर्व को भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज की जा रही हैं। 

पटना साहिब में 360वें प्रकाश पर्व को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस आयोजन में देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने आवासन से लेकर यातायात सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक की व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। इस बार प्रकाश पर्व में टेंट सिटी अंतरराष्ट्रीय सिख कॉन्क्लेव सांस्कृतिक कार्यक्रम गतका और घुड़सवारी प्रतियोगिता के साथ ड्रोन शो मुख्य आकर्षण होंगे। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए संबंधित विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
 
प्रकाश पर्व की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जिम्मेदारियां पूरी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन ठहरने और जरूरी सुविधाएं प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में नगर आयुक्त यशपाल मीणा उप विकास आयुक्त शुभम कुमार डीआईजी जितेंद्र राणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 
श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए टेंट सिटी बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए सबसे पहले आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों का नजरी नक्शा तैयार कराया जाएगा। पर्यटन विभाग और पटना सिटी के भूमि सुधार उप समाहर्ता को यह जिम्मेदारी दी गई है। नक्शा तैयार होने के बाद यह तय किया जाएगा कि टेंट सिटी कहां बनाई जाएगी और किन स्थानों पर दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के आवासन और आवागमन की व्यवस्था को व्यवस्थित करना है ताकि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर भी किसी तरह की अव्यवस्था न हो। 
Jagranप्रकाश पर्व के दौरान पार्किंग और यातायात प्रबंधन भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहेगा। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाएंगे। यातायात संचालन की कार्ययोजना पहले से तैयार करने का निर्देश दिया गया है ताकि आयोजन के दिनों में प्रमुख सड़कों और गुरुद्वारा के आसपास अनावश्यक जाम की स्थिति नहीं बने। श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल तक पहुंचने और वहां से वापस लौटने में सुविधा मिले इसके लिए संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा। 
आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सिख कॉन्क्लेव आयोजित करने की योजना है। इसके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे जिनके जरिए सिख धर्म की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाया जाएगा। गतका और घुड़सवारी प्रतियोगिता भी प्रकाश पर्व के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सिख परंपरा से जुड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक झलक देखने का अवसर मिलेगा। वहीं ड्रोन शो के जरिए आयोजन में आधुनिक तकनीक का भी समावेश किया जाएगा। इससे प्रकाश पर्व का उत्सव और अधिक आकर्षक बनने की उम्मीद है। 
सड़कों की स्थिति सुधारने और रोशनी की बेहतर व्यवस्था करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। सड़क निर्माण विभाग को जरूरत के अनुसार सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट और एलईडी लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा प्रमुख सड़कों के सुंदरीकरण पर भी काम किया जाएगा। प्रकाश पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को रात में भी सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने के लिए रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है।

स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था के लिए नगर निगम और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। नगर निगम को आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट यूरिनल और डस्टबिन उपलब्ध कराने होंगे। साथ ही नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद गंदगी और अव्यवस्था नहीं फैले। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को वाटर एटीएम पानी के टैंकर और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करने को कहा गया है। इससे श्रद्धालुओं को आयोजन के दौरान स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। 
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर पुलिस पोस्ट स्थापित किए जाएंगे ताकि भीड़ की निगरानी और नियंत्रण प्रभावी तरीके से किया जा सके। आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त स्वास्थ्य केंद्र और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल सहायता मिल सके। इसके अलावा आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है। 
पटना साहिब में आयोजित होने वाला प्रकाश पर्व बिहार के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब सिख समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की जन्मस्थली होने के कारण इसका विशेष महत्व है। प्रकाश पर्व के अवसर पर देश विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने से पटना में धार्मिक गतिविधियों के साथ पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार आयोजन को बेहतर सुविधाओं और सुव्यवस्थित प्रबंधन के साथ संपन्न कराने की तैयारी कर रहा है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से टेंट सिटी के लिए स्थान चिह्नित करने से लेकर पार्किंग पेयजल सफाई चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आयोजन स्थल का नक्शा तैयार होने के बाद अलग-अलग सुविधाओं के लिए स्थान तय किए जाएंगे। अधिकारियों को समय पर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है ताकि 360वें प्रकाश पर्व में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके और पटना साहिब में पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

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