पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘मेरी रसोई योजना’ की शुरुआत की है। यह योजना राज्य में खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
चंडीगढ़: पंजाब में पहली बार व्यापक स्तर पर खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘मेरी रसोई’ योजना की शुरुआत का ऐलान किया। इस योजना के तहत लगभग 40 लाख परिवारों को अप्रैल से तिमाही आधार पर मुफ्त फूड किट (भोजन किट) प्रदान की जाएगी।
विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि ये फूड किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत दिए जाने वाले गेहूं और अनाज से अलग प्रदान की जाएंगी, ताकि लोगों को पोषण संबंधी विविधता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य जरूरतमंद परिवारों तक पर्याप्त और पौष्टिक भोजन पहुँचाना है, जिससे सामाजिक कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिले।
योजना का उद्देश्य
भगवंत सिंह मान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘मेरी रसोई योजना’ का मुख्य उद्देश्य पंजाब के हर परिवार के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मेहनती किसान हमेशा से देश की अनाज जरूरतों को पूरा करने में अग्रणी रहे हैं। इसके बावजूद राज्य में कुछ परिवार अब भी रोज़ी-रोटी और पोषण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे परिवारों की मदद के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना केवल वादा नहीं, बल्कि सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य का आगामी लोक-हितैषी बजट इस पहल के दायरे को और बढ़ाएगा और समाज के हर वर्ग की भलाई सुनिश्चित करेगा।

फूड किट में क्या मिलेगा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक फूड किट में निम्नलिखित सामग्री होगी, जो मासिक खपत के लिए पर्याप्त होगी:
- 2 किलो दाल
- 2 किलो चीनी
- 1 किलो नमक
- 200 ग्राम हल्दी पाउडर
- 1 लीटर सरसों का तेल
यह फूड किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत वितरित गेहूं से अलग होगी। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार को विविध और पौष्टिक आहार मिले।
वितरण और निगरानी
इस योजना के लिए मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। मार्कफेड खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सहयोग से किटों का मुफ्त वितरण सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वितरण प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खराब गुणवत्ता या अनियमित आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वितरण तिमाही आधार पर किया जाएगा। अप्रैल 2026 से पहली खेप का वितरण शुरू होगा और उसके बाद हर तीन महीने में फूड किट परिवारों तक पहुंचाई जाएगी।









