प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: दिल्ली से प्रयागराज, वाराणसी और पटना की यात्रा अब होगी तेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जिससे दिल्ली से प्रयागराज, वाराणसी और पटना की यात्रा और तेज व आसान हो जाएगी। जानें इस बड़े

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है। यह एक्सप्रेसवे राज्य का सबसे लंबा और सातवां प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जो पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी और बिहार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा मील का पत्थर जुड़ गया है। नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्य के सातवें और सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है और इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्से से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी माना जा रहा है। इससे न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा, बल्कि ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।

दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार तक के यात्रियों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लगभग ₹36,230 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे फिलहाल 6 लेन का है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तार देने की योजना है।

गंगा एक्सप्रेसवे: विकास की नई रफ्तार

करीब ₹36,230 करोड़ की लागत से तैयार यह गंगा एक्सप्रेसवे फिलहाल 6 लेन का है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। यह आधुनिक हाईवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है और कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। सरकार के अनुसार यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, व्यापार और रोजगार का नया इंजन साबित होगी।

गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद अब यात्रा के समय में ऐतिहासिक कमी देखी जा रही है। पहले जहां लंबी दूरी की यात्रा में घंटों का समय लगता था, अब वह काफी हद तक कम हो गया है।

दिल्ली से प्रयागराज (Allahabad) यात्रा समय

दिल्ली या नोएडा से यात्री बुलंदशहर के पास से गंगा एक्सप्रेसवे पर जुड़ सकते हैं। अब दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा लगभग 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि पहले इसमें 12 से 13 घंटे लगते थे। गंगा एक्सप्रेसवे और जुड़े हाईवे नेटवर्क की वजह से दिल्ली से वाराणसी का सफर अब लगभग 8 से 9 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। पहले यह यात्रा 12 से 14 घंटे तक लेती थी।

दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना जाने का समय भी कम हुआ है। अब यह यात्रा लगभग 12 से 13 घंटे में पूरी हो सकती है, जबकि पहले इसमें 16 से 18 घंटे तक लगते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: दिल्ली से प्रयागराज, वाराणसी और पटना की यात्रा अब होगी तेज

किन जिलों से होकर गुजरता है एक्सप्रेसवे?

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। यह मार्ग जिन जिलों से होकर गुजरता है, वे हैं:

  • मेरठ
  • हापुड़
  • बुलंदशहर
  • अमरोहा
  • संभल
  • बदायूं
  • शाहजहांपुर
  • हरदोई
  • उन्नाव
  • रायबरेली
  • प्रतापगढ़
  • प्रयागराज

इन जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से व्यापार, उद्योग और निवेश के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईवे

गंगा एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। इसमें शामिल हैं:

  • 6 लेन चौड़ा हाई-स्पीड कॉरिडोर
  • भविष्य में 8 लेन विस्तार की क्षमता
  • भारतीय वायुसेना के लिए 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप
  • सीसीटीवी निगरानी प्रणाली
  • एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग वाहन
  • ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट्स

ये सुविधाएं इसे देश के सबसे सुरक्षित और आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। इससे कृषि उत्पादों की तेज आवाजाही, औद्योगिक निवेश में वृद्धि और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

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