Progress 96 ने ISS पर की डॉकिंग, तीन टन Food, Fuel और Supplies लेकर पहुंचा Russian Cargo

रूस का Progress 96 19 सितंबर को ISS के Poisk module से dock हुआ। spacecraft करीब 3 टन food, fuel और जरूरी supplies लेकर स्टेशन पहुंचा।

रूस का Progress 96 cargo spacecraft 19 सितंबर को ISS के Poisk module से dock हुआ। तीन दिन की orbital journey के बाद spacecraft करीब तीन टन food, fuel और जरूरी supplies लेकर पहुंचा।

International Space Station: रूस का Progress 96 cargo spacecraft 19 सितंबर को International Space Station (ISS) के Poisk module से सफलतापूर्वक dock हुआ। 16 सितंबर को Kazakhstan के Baikonur Cosmodrome से launch हुआ यह spacecraft करीब तीन दिन बाद स्टेशन तक पहुंचा और वहां मौजूद सात astronauts तथा cosmonauts के लिए लगभग तीन टन food, fuel और अन्य जरूरी सामान लेकर आया।

Progress 96 ने ISS से सफलतापूर्वक की डॉकिंग

रूस का Progress 96 cargo spacecraft 19 सितंबर को International Space Station के space-facing Poisk module से जुड़ गया। Soyuz rocket की मदद से इसे 16 सितंबर को Kazakhstan के Baikonur Cosmodrome से launch किया गया था। इसके बाद spacecraft ने करीब तीन दिन तक orbit में यात्रा करते हुए ISS तक पहुंच बनाई।

Docking के समय Progress 96 और International Space Station Black Sea के ऊपर लगभग 418 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। Docking सुबह 9:44 बजे EDT यानी भारतीय समयानुसार शाम 7:14 बजे पूरी हुई।

ISS Crew के लिए Food, Fuel और जरूरी Supplies

Progress 96 अपने साथ करीब तीन टन cargo लेकर पहुंचा है। इसमें crew के लिए food, fuel और station के संचालन के लिए जरूरी अन्य supplies शामिल हैं।

फिलहाल ISS पर सात लोग मौजूद हैं। इनमें NASA astronauts Jack Hathaway, Jessica Meir और Anil Menon, European Space Agency astronaut Sophie Adenot तथा Roscosmos cosmonauts Pyotr Dubrov, Andrey Fedyaev और Anna Kikina शामिल हैं।

Progress spacecraft नियमित रूप से ISS तक supplies पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ये uncrewed vehicles होते हैं, यानी इनमें astronauts या cosmonauts सवार नहीं होते। Cargo पहुंचाने के बाद इन्हें निर्धारित disposal process के तहत मिशन के अंत में नष्ट कर दिया जाता है।

करीब पांच महीने ISS से जुड़ा रहेगा spacecraft

Progress 96 के करीब पांच महीने तक ISS से docked रहने की उम्मीद है। इस दौरान crew spacecraft में मौजूद cargo को उतारेगा और स्टेशन की जरूरतों के अनुसार उसका इस्तेमाल करेगा।

Mission पूरा होने के बाद Progress 96 में ISS से निकलने वाला waste और discarded material भरा जाएगा। इसके बाद spacecraft को Earth की ओर भेजा जाएगा, जहां यह atmosphere में प्रवेश करते समय जल जाएगा।

ISS की दूसरी प्रमुख uncrewed resupply vehicles, जैसे Japan का HTV-X और Northrop Grumman का Cygnus भी सामान्य तौर पर इसी तरह disposal process से गुजरते हैं। हालांकि, SpaceX का Dragon cargo spacecraft प्रमुख अपवाद है, क्योंकि यह Earth पर वापस लौट सकता है और reuse किया जा सकता है।

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