पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष ने एफबीआई रिपोर्ट का हवाला देकर गैंगस्टर नेटवर्क, पुलिस की कथित भूमिका, अवैध खनन और भाखड़ा बांध की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। सरकार ने आरोपों पर जवाब देते हुए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कही।
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन शून्यकाल के दौरान FBI रिपोर्ट और गैंगस्टर नेटवर्क का मुद्दा सदन में छाया रहा। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, अवैध खनन, भाखड़ा बांध की स्थिति और सैन्य क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचने की बात कही।
एफबीआई रिपोर्ट पर गैंगस्टर-पुलिस नेक्सस का मुद्दा उठा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (FBI) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए गैंगस्टर नेटवर्क और पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि "ऑपरेशन हार्डबॉल" के तहत अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया समेत कई गैंग्स्टर गिरोहों की गतिविधियों की जांच की है।
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बाजवा ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में कुछ पुलिस अधिकारियों की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। उनका कहना था कि विदेशों में रहने वाले लोगों से रंगदारी मांगने जैसे मामलों में भी गंभीर सवाल उठे हैं और पिछले कुछ वर्षों में राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सरकार ने आरोपों का किया जवाब
विपक्ष के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने जवाब देते हुए कहा कि गैंगस्टरों को लेकर आरोप पहले भी विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2021 की विधानसभा कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी कांग्रेस के नेताओं ने एक-दूसरे पर गैंगस्टरों को संरक्षण देने के आरोप लगाए थे।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण करने के बजाय तथ्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार अपराध के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
भाखड़ा बांध और अवैध खनन पर भी हुई चर्चा
शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भाखड़ा बांध में वर्षों से डी-सिल्टिंग नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बांध में गाद और पत्थरों के जमा होने से इसकी जल भंडारण क्षमता प्रभावित हो रही है। बरसात के मौसम में बांध जल्दी भर जाने के कारण फ्लड गेट खोलने पड़ते हैं, जिससे पंजाब के कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से तत्काल डी-सिल्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
वहीं भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा ने रावी और सतलुज नदी के किनारे अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन की खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को भी धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
सैन्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी पहुंचे सदन में
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने जालंधर के सूरानुस्सी सैन्य क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई मार्ग बंद कर दिए जाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी होती है। उन्होंने महिलाओं की तलाशी से जुड़ी शिकायतों का भी उल्लेख किया और सरकार से इस मुद्दे को सेना के साथ समन्वय बैठक में उठाने की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने लंबे समय से लंबित परिधीय सड़क परियोजना को शीघ्र पूरा कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके और सैन्य क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।
सदन में उठे इन मुद्दों के बाद सरकार ने संबंधित मामलों पर आवश्यक कार्रवाई और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखने का भरोसा दिया। विपक्ष ने भी कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े मामलों पर प्रभावी कदम उठाने की मांग दोहराई।









