पंजाब में गुरुवार को आई तेज आंधी और तूफान से बिजली वितरण नेटवर्क को 2.06 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। सैकड़ों बिजली पोल, ट्रांसफार्मर और लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
Punjab: पंजाब में तेज आंधी और तूफानी हवाओं ने बिजली वितरण व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से पंजाब राज्य बिजली निगम को 2 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। कई जिलों में बिजली ढांचे को भारी क्षति पहुंची, जिसके चलते हजारों उपभोक्ताओं को अस्थायी रूप से बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। हालांकि निगम की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से बहाली कार्य शुरू कर दिया है।
तेज आंधी से बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान
गुरुवार को पंजाब के विभिन्न हिस्सों में चली तेज आंधी और तूफानी हवाओं ने बिजली वितरण प्रणाली को व्यापक नुकसान पहुंचाया। बिजली निगम द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार राज्यभर में 129 वितरण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 850 बिजली खंभे गिर गए या बुरी तरह प्रभावित हुए।
इसके अलावा लगभग 8.57 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुईं। रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब आधा किलोमीटर निम्न वोल्टेज केबल और उच्च वोल्टेज केबल का एक हिस्सा भी आंधी की चपेट में आकर खराब हो गया। कई स्थानों पर अन्य विद्युत उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।
इन क्षतियों के कारण कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में स्थिति को जल्द नियंत्रण में लाने के लिए बिजली विभाग ने तुरंत राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया।
मध्य पंजाब में सबसे ज्यादा असर
निगम की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक नुकसान मध्य पंजाब क्षेत्र में दर्ज किया गया है। यहां बिजली ढांचे को एक करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की क्षति पहुंची है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में तेज हवाओं की तीव्रता अधिक रहने के कारण बिजली पोल और ट्रांसफार्मर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
दक्षिणी पंजाब दूसरे स्थान पर रहा, जहां करीब 37.49 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। वहीं पूर्वी क्षेत्र में 20.57 लाख रुपये, उत्तरी क्षेत्र में 16.36 लाख रुपये और पश्चिमी क्षेत्र में लगभग 14.23 लाख रुपये की क्षति दर्ज की गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है। यहां करीब 6.68 लाख रुपये की क्षति का अनुमान लगाया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सर्वेक्षण के बाद नुकसान के आंकड़ों में बदलाव संभव है।
युद्धस्तर पर शुरू किया गया बहाली अभियान
तूफान के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करना निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने के कारण आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। स्थिति को देखते हुए बिजली निगम ने प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त तकनीकी टीमें भेजीं।
अधिकारियों के अनुसार मरम्मत और बहाली का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। टीमों ने रातभर काम कर अधिकांश प्रभावित फीडरों की बिजली आपूर्ति कुछ ही घंटों में बहाल कर दी। हालांकि कुछ ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में मरम्मत कार्य अभी भी जारी है।
अंतिम आकलन के बाद बढ़ सकता है नुकसान का आंकड़ा
बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि मैदानी स्तर पर निरीक्षण अभी जारी है। विभिन्न जिलों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मंगाई जा रही है ताकि वास्तविक क्षति का अंतिम आकलन किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है, वहां पर्याप्त संसाधन, मशीनरी और तकनीकी कर्मचारियों को तैनात किया गया है। निगम का लक्ष्य जल्द से जल्द सभी क्षेत्रों में सामान्य बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि मौसम संबंधी आपदाओं के दौरान बिजली वितरण ढांचा कितना संवेदनशील हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे नुकसान को कम करने के लिए बिजली नेटवर्क को और अधिक मजबूत तथा मौसम प्रतिरोधी बनाने की आवश्यकता है।










