वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-K मुकाबले में पुर्तगाल का सामना उज़्बेकिस्तान से होगा। डीआर कांगो के खिलाफ निराशाजनक ड्रॉ के बाद रोनाल्डो की टीम पहली जीत दर्ज करना चाहेगी, जबकि उज़्बेकिस्तान लगातार हार के सिलसिले को तोड़ने के इरादे से उतरेगा।
FIFA WORLD CUP 2026: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-K में पुर्तगाल और उज्बेकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि दोनों टीमों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। पुर्तगाल अपने पहले मैच में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर आलोचनाओं का सामना कर रहा है। दूसरी ओर विश्व कप में पहली बार हिस्सा लेने वाला उज्बेकिस्तान अपने शुरुआती मुकाबले में कोलंबिया से 3-1 से हार गया था।
अब दोनों टीमें ह्यूस्टन स्टेडियम में आमने-सामने होंगी, जहां पुर्तगाल टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा, जबकि उज्बेकिस्तान अपने विश्व कप अभियान को जीवित रखने के लिए मैदान पर उतरेगा।
रोनाल्डो और पुर्तगाल पर बढ़ा दबाव
विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में से एक Cristiano Ronaldo एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। 41 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी से विश्व कप में बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन पहले मैच में वे प्रभाव छोड़ने में असफल रहे।
डीआर कांगो के खिलाफ मुकाबले में रोनाल्डो ने तीन शॉट लिए, लेकिन एक भी निशाने पर नहीं लगा। आंकड़े बताते हैं कि वह पिछले 10 बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मुकाबलों (विश्व कप और यूरोपीय चैम्पियनशिप) में गोल करने में असफल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 33 शॉट लगाए और अपेक्षित गोल (xG) का आंकड़ा भी अच्छा रहा, लेकिन गोल का सूखा जारी है। ऐसे में उज्बेकिस्तान के खिलाफ मुकाबला उनके लिए आलोचनाओं का जवाब देने का अवसर माना जा रहा है।
पहले मैच में उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा पुर्तगाल
पुर्तगाल ने डीआर कांगो के खिलाफ मुकाबले में गेंद पर 75 प्रतिशत से अधिक नियंत्रण बनाए रखा था। टीम ने 783 पास पूरे किए और 92 प्रतिशत से अधिक पासिंग सटीकता दर्ज की, जो विश्व कप इतिहास में उसका सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड रहा।
इसके बावजूद टीम केवल सात शॉट ही लगा सकी। दिलचस्प बात यह रही कि डीआर कांगो ने पुर्तगाल से अधिक शॉट लगाए। इससे स्पष्ट हुआ कि गेंद पर कब्जा रखने के बावजूद पुर्तगाल आक्रामक प्रभाव पैदा नहीं कर पाया। कोच Roberto Martinez के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि टीम को टूर्नामेंट के खिताब के प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा था।
वितिन्हा बने मिडफील्ड के हीरो
हालांकि पहले मैच में पुर्तगाल जीत नहीं सका, लेकिन मिडफील्डर Vitinha का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा।
उन्होंने मुकाबले में 121 सफल पास पूरे किए, जो इस विश्व कप के पहले दौर में किसी भी खिलाड़ी द्वारा किया गया सर्वाधिक आंकड़ा था। यह किसी भी पुर्तगाली खिलाड़ी का विश्व कप इतिहास में एक मैच में सर्वश्रेष्ठ पासिंग रिकॉर्ड भी बन गया। मिडफील्ड में उनका नियंत्रण उज्बेकिस्तान के खिलाफ भी पुर्तगाल के लिए महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकता है।
विश्व कप डेब्यू में संघर्ष करता दिखा उज्बेकिस्तान
उज्बेकिस्तान पहली बार विश्व कप के मंच पर उतरा है। हालांकि टीम को अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रदर्शन पूरी तरह निराशाजनक नहीं रहा।
कोलंबिया के खिलाफ टीम ने कई अवसर बनाए और 1.16 xG का आंकड़ा दर्ज किया। किसी भी विश्व कप डेब्यू करने वाली एशियाई टीम के लिए यह पिछले कई दशकों में सर्वश्रेष्ठ आक्रामक आंकड़ों में से एक माना जा रहा है। इसके बावजूद रक्षात्मक कमजोरियों के कारण टीम को हार झेलनी पड़ी।
![]()
कोच कैनावारो की रणनीति पर नजर
उज्बेकिस्तान के मुख्य कोच और पूर्व विश्व कप विजेता Fabio Cannavaro इस मुकाबले में अपनी टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना चाहेंगे।
कैनावारो का पुर्तगाल के खिलाफ व्यक्तिगत रिकॉर्ड शानदार रहा है। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने पुर्तगाल के खिलाफ खेले सभी मुकाबलों में जीत हासिल की थी।
अब उनकी चुनौती एक अपेक्षाकृत कमजोर टीम को यूरोप की शीर्ष फुटबॉल शक्तियों में से एक के खिलाफ प्रतिस्पर्धी बनाए रखना है।
पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें
पुर्तगाल और उज्बेकिस्तान के बीच यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। इससे पहले दोनों देशों की राष्ट्रीय टीमें कभी आमने-सामने नहीं आई हैं। ऐसे में दोनों टीमों के पास एक-दूसरे के खिलाफ कोई ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि अनुभव, रैंकिंग और खिलाड़ियों की गुणवत्ता के आधार पर पुर्तगाल स्पष्ट रूप से मजबूत टीम मानी जा रही है।
एशियाई टीमों के खिलाफ पुर्तगाल का हालिया रिकॉर्ड
दिलचस्प रूप से पुर्तगाल का हालिया विश्व कप रिकॉर्ड एशियाई टीमों के खिलाफ बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। 2018 विश्व कप में टीम को Iran के खिलाफ ड्रॉ से संतोष करना पड़ा था, जबकि 2022 में उसे South Korea के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इस कारण पुर्तगाल उज्बेकिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करना चाहेगा।
उज्बेकिस्तान के सामने कठिन आंकड़े
उज्बेकिस्तान का यूरोपीय टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड भी चिंताजनक रहा है। पिछले 23 मुकाबलों में टीम केवल एक जीत दर्ज कर सकी है। बाकी मैचों में उसे हार या ड्रॉ का सामना करना पड़ा। ऐसे आंकड़े बताते हैं कि पुर्तगाल के खिलाफ जीत दर्ज करना उज्बेकिस्तान के लिए बेहद कठिन कार्य होगा।
मैच का संभावित परिणाम
फुटबॉल विश्लेषकों और सांख्यिकीय मॉडल्स के अनुसार इस मुकाबले में पुर्तगाल को स्पष्ट बढ़त हासिल है। टीम के पास रोनाल्डो, वितिन्हा और अन्य अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी है, जो किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं।
उज्बेकिस्तान निश्चित रूप से संघर्ष करेगा और काउंटर-अटैक के जरिए अवसर बनाने की कोशिश करेगा, लेकिन गुणवत्ता और अनुभव के मामले में पुर्तगाल काफी आगे दिखाई देता है।









