राहुल गांधी ने मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह को दी श्रद्धांजलि, बोले- पहचान के आधार पर हमला भी त्रासदी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली मे मारे गए मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम को श्रद्धांजलि। राहुल बोले किसी व्यक्ति को उसकी पहचान आधार पर निशाना बनाना गलत

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में मारे गए मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी पहचान या मूल स्थान के आधार पर निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है और हिंसा स्वीकार्य नहीं है।

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में दिवंगत मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। 54 वर्षीय विक्रम सिंह की 6 सितंबर 2026 की रात दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। राहुल गांधी ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि एक युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है। इसके साथ ही किसी व्यक्ति को उसकी पहचान और वह किस स्थान से आया है, इसके आधार पर निशाना बनाया जाना भी गंभीर चिंता का विषय है।

राहुल गांधी ने विक्रम सिंह को दी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विक्रम को केवल इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे।

राहुल गांधी ने कहा कि किसी युवा की हत्या होना अपने आप में बेहद गंभीर घटना है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति पर उसकी पहचान या उसके मूल स्थान के आधार पर हमला किया जाता है, तो यह चिंता को और बढ़ाता है।

उन्होंने इस घटना को हिंसा और नफरत से जोड़ते हुए कहा कि समाज में किसी व्यक्ति की पहचान के आधार पर उसके साथ भेदभाव या हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

‘हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत’

राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम सिंह की हत्या के मामले में चाहे घटना को जिस तरह भी देखा जाए, इसमें हिंसा जरूर हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में एक ऐसी सोच विकसित होती जा रही है, जिसमें ताकतवर होने वाला व्यक्ति खुद को हिंसा करने का अधिकार दे देता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताया।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के पास ताकत होने का मतलब यह नहीं है कि वह दूसरे व्यक्ति के खिलाफ हिंसा कर सकता है। उनके मुताबिक, ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

6 सितंबर की रात हुई थी घटना

चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे हुई थी। वह दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में रहते थे। जानकारी के मुताबिक, उनके घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच तेज शोर और हंगामा हो रहा था।

विक्रम सिंह ने कथित तौर पर इस शोर और हंगामे पर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने उन पर हमला कर दिया।

बताया गया है कि आरोपियों ने बिल्डिंग के अंदर सिंह का पीछा किया। उनका तीन मंजिलों तक पीछा किए जाने और लात-घूंसों से हमला करने का आरोप है। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद विक्रम सिंह की मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का जिक्र

गुरुवार को जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई।

रिपोर्ट में सामने आई चोटों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस घटना के पूरे क्रम, हमले में शामिल लोगों और इसके पीछे के संभावित मकसद की जांच कर रही है।

विक्रम सिंह को घटना के बाद उनके परिवार के सदस्य अस्पताल लेकर गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

राहुल गांधी ने मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह को दी श्रद्धांजलि, बोले- पहचान के आधार पर हमला भी त्रासदी

पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया

विक्रम सिंह की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को आठ लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है।

पुलिस की कार्रवाई घटना के बाद सामने आए तथ्यों और जांच के आधार पर की गई। अधिकारियों की ओर से मामले की परिस्थितियों और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और हमले की पूरी घटना किन परिस्थितियों में हुई। मामले के संभावित मकसद की भी जांच जारी है।

CCTV फुटेज से जांच में मदद

घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में कुछ लोग संगीतकार के घर से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि इन्हीं लोगों ने विक्रम सिंह पर हमला किया था।

एक अन्य फुटेज में घटना के बाद सिंह के परिवार के सदस्यों को उन्हें अस्पताल ले जाते हुए देखा गया। उपलब्ध फुटेज में उनके बेटे को भी उन्हें कंधे पर लेकर जाते हुए देखा गया है।

पुलिस मामले की जांच में CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

नॉर्थईस्ट समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता

विक्रम सिंह की हत्या के बाद दिल्ली में रहने वाले नॉर्थईस्ट समुदाय के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मामले ने राजधानी में पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले कथित भेदभाव के मुद्दे को भी चर्चा में ला दिया है।

विक्रम सिंह मूल रूप से मणिपुर से थे और दिल्ली में रहकर संगीत के क्षेत्र से जुड़े हुए थे। उनकी मौत के बाद घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहचान और मूल स्थान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने हिंसा और नफरत के खिलाफ अपनी बात रखते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ हिंसा करना स्वीकार्य नहीं है।

हमले के मकसद की जांच जारी

फिलहाल पुलिस मामले की परिस्थितियों और हमले के संभावित मकसद की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत शोर और हंगामे को लेकर आपत्ति जताने के बाद हुए विवाद से हुई थी। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से ही घटना का पूरा क्रम स्पष्ट होगा।

पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ रही हैं।

विक्रम सिंह की मौत ने एक बार फिर राजधानी में पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में पुलिस की जांच और आगे सामने आने वाले तथ्य यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।

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