राजस्थान में पंचायतराज चुनावों के लिए 457 पंचायत समिति प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी पूरी हो गई। प्रदेश में 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। जयपुर में 11 महिला प्रधान बनेंगी, जबकि उदयपुर में OBC के लिए कोई प्रधान पद नहीं मिला।
जयपुर: राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच 23 सितंबर 2026 को 457 पंचायत समिति प्रधान पदों के लिए आरक्षण लॉटरी पूरी हो गई। इसके साथ ही प्रदेश में 221 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। जयपुर में 22 पंचायत समितियों में 11 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि उदयपुर में एक भी प्रधान पद OBC के लिए आरक्षित नहीं हुआ।
457 प्रधान पदों का आरक्षण तय
राजस्थान में पंचायत समिति प्रधानों के 457 पदों के लिए बुधवार को आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इस प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति (SC) के लिए 79, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 93 और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 56 प्रधान पद आरक्षित किए गए हैं। शेष 229 पद अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
आरक्षण प्रक्रिया में महिलाओं के लिए भी 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में कुल 221 पंचायत समिति प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। इससे आगामी पंचायत चुनावों में ग्रामीण स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
यह पूरी प्रक्रिया आगामी त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनावों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अलग-अलग पंचायत समितियों में प्रधान पद पर किस आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।
जयपुर में 22 में से 11 पद महिलाओं के लिए
राजधानी जयपुर जिले में 22 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण भी तय कर दिया गया है। इनमें केवल चार पंचायत समितियां अनारक्षित रखी गई हैं। अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों में कुल 11 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
जयपुर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, OBC और सामान्य महिला श्रेणियों के लिए अलग-अलग पंचायत समितियां निर्धारित की गई हैं। इनमें तुंगा और आंधी SC सामान्य श्रेणी के लिए, जबकि रामपुरा डाबड़ी और कोटखावदा SC महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
इसी तरह चौमूं और किशनगढ़ रेनवाल ST सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि अमरसार ST महिला के लिए आरक्षित है। OBC श्रेणी में माधोराजपुरा और सांगानेर सामान्य OBC तथा जॉबनेर और मौजमाबाद OBC महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
जयपुर की शेष पंचायत समितियों में भी सामान्य और महिला श्रेणी के अनुसार आरक्षण तय किया गया है। इस तरह जिले में प्रधान पदों की आरक्षण व्यवस्था अब स्पष्ट हो गई है।
उदयपुर में OBC को एक भी प्रधान पद नहीं
उदयपुर जिले में 20 पंचायत समितियों के प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी पूरी हो गई है। यहां केवल बड़गांव पंचायत समिति का प्रधान पद अनारक्षित रखा गया है। जिले में OBC वर्ग के लिए एक भी प्रधान पद आरक्षित नहीं हुआ है।
उदयपुर में ST वर्ग को 15 प्रधान पद मिले हैं। इनमें सात पद ST महिला के लिए आरक्षित हैं। SC वर्ग के लिए एक प्रधान पद निर्धारित किया गया है। इसके अलावा तीन पद सामान्य महिला और तीन अन्य पद अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों में रखे गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जानी है।
चार जिलों में केवल ST वर्ग के लिए प्रधान पद
आरक्षण लॉटरी के बाद डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और प्रतापगढ़ ऐसे जिले हैं जहां सभी पंचायत समिति प्रधान पद ST वर्ग के लिए आरक्षित हुए हैं। यह व्यवस्था इन जिलों की जनसंख्या संरचना और निर्धारित आरक्षण नियमों के आधार पर तय की गई है।
इन जिलों में प्रधान पदों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए ST श्रेणी लागू होगी। इनमें महिला आरक्षण के अनुसार संबंधित पद ST महिला के लिए भी आरक्षित हो सकते हैं।
जोधपुर में भी महिलाओं को प्रमुख हिस्सेदारी
जोधपुर जिले में भी प्रधान पदों के आरक्षण में महिलाओं को महत्वपूर्ण हिस्सेदारी मिली है। उपलब्ध आरक्षण विवरण के अनुसार जिले में 11 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े जिलों में प्रधान पदों का आरक्षण स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आरक्षण केवल चुनाव लड़ने की पात्रता की श्रेणी तय करता है; अंतिम परिणाम मतदाताओं के मतदान के बाद ही सामने आएंगे।
1,403 जिला परिषद और 8,245 पंचायत समिति सदस्यों का आरक्षण
प्रधान पदों के साथ ही 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण भी 23 सितंबर को लॉटरी के माध्यम से तय किया गया। इन पदों पर भी SC, ST, OBC और महिला आरक्षण लागू किया गया है।
जिला परिषद के 1,403 वार्डों में OBC के लिए 192 वार्ड आरक्षित करने की सिफारिश की गई थी। इसके अलावा ST के लिए 257 और SC के लिए 232 वार्ड निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरक्षण व्यवस्था संबंधित सिफारिशों और लागू नियमों के अनुसार तय की गई है।
महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण
पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पदों की आरक्षण व्यवस्था में प्रत्येक श्रेणी के भीतर महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण रखा गया है। इसका अर्थ है कि SC, ST, OBC और अनारक्षित श्रेणियों में भी महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित सीटें होंगी।
यह व्यवस्था राजस्थान की ग्रामीण स्थानीय शासन प्रणाली में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लागू की जा रही है।
रोटेशन के आधार पर बदलता है आरक्षण
पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण रोटेशन प्रणाली के तहत तय किया जाता है। इसका मतलब है कि पिछली बार जिस पंचायत समिति या वार्ड को किसी विशेष श्रेणी के लिए आरक्षित किया गया था, जरूरी नहीं कि इस बार भी वही श्रेणी लागू रहे।
इसी तरह पिछली बार सामान्य रही सीट इस बार SC, ST, OBC या महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो सकती है। आरक्षण की लॉटरी इसी रोटेशन व्यवस्था के तहत अलग-अलग चरणों में की जाती है।
24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी
23 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 24 सितंबर को ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया उपखंड स्तर पर संबंधित अधिकारियों की देखरेख में होगी।
राजस्थान सरकार ने पंचायती राज चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की दिशा में यह कदम उठाया है। पहले 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त 2026 को पूरी की जा चुकी है।
15 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
पंचायती राज चुनावों की पूरी प्रक्रिया को 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आरक्षण लॉटरी के बाद अब ग्राम पंचायत स्तर के पदों की प्रक्रिया पूरी होने पर चुनाव कार्यक्रम की दिशा और स्पष्ट होगी।
इस आरक्षण प्रक्रिया के साथ राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक तैयारियां अगले चरण में पहुंच गई हैं। अब उम्मीदवार और राजनीतिक दल अपने-अपने क्षेत्र में आरक्षित श्रेणी के अनुसार चुनावी तैयारियां आगे बढ़ा सकेंगे।












