राजस्थान में बढ़ती गर्मी के साथ आवारा कुत्तों के हमलों के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। सरकार ने शिकायत के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल और हेल्पलाइन 181 उपलब्ध कराई है, जिससे लोग घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Jaipur: आवारा कुत्तों के हमलों में बढ़ोतरी और शिकायत व्यवस्था राजस्थान में तापमान 46 डिग्री के पार पहुंचने के साथ आवारा कुत्तों की आक्रामकता भी बढ़ रही है। 2025 में डॉग बाइट के मामलों में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर जयपुर सहित शहरी क्षेत्रों में बच्चों पर हमलों के मामले अधिक सामने आए हैं। सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल, हेल्पलाइन 181 और नगर निगम नंबरों के जरिए शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था दी है, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।
राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच बढ़ा आवारा कुत्तों का खतरा
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राजस्थान में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ ही आवारा कुत्तों का आतंक भी बढ़ता जा रहा है। तेज गर्मी के कारण ये जानवर अधिक आक्रामक हो रहे हैं, जिससे गलियों और सड़कों पर लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति जोखिमपूर्ण बनती जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, शहरों में आवारा कुत्तों के हमलों में ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक वृद्धि देखी गई है। कई जिलों में बच्चों पर हमलों के मामले भी सामने आए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और पर्यावरणीय बदलाव इस व्यवहारिक परिवर्तन का कारण हो सकते हैं।
डॉग बाइट मामलों में दोगुनी बढ़ोतरी, जयपुर सबसे अधिक प्रभावित
राज्य में जारी RTI आंकड़ों के अनुसार, डॉग बाइट के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहां लगभग 460 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर करीब 900 तक पहुंच गई है। राजधानी जयपुर इस सूची में सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा है।
जयपुर में 2024 में 307 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 633 हो गए। इनमें बच्चों पर हमले की घटनाएं भी चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। अन्य जिलों जैसे खैरथल-तिजारा, पाली, कोटा और भीलवाड़ा में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, हालांकि बीकानेर में कुछ राहत देखने को मिली है।
शिकायत प्रणाली और प्रशासनिक कार्रवाई
आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर राज्य सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। नागरिक राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं या 181 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से भी शिकायत की सुविधा उपलब्ध है।
स्थानीय स्तर पर लोग नगर निगम या नगर पालिका के कंट्रोल रूम से भी संपर्क कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, जयपुर में नगर निगम के हेल्पलाइन नंबरों पर सीधे शिकायत दर्ज की जा सकती है। प्रशासन का दावा है कि शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई की जाती है, हालांकि बढ़ते मामलों के चलते चुनौती अभी भी बनी हुई है।









