राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: पेंशन खाता सीज करने पर पुलिस से कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण|

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी का पेंशन खाता सीज करने पर कोर्ट ने पुलिस से कानूनी आधार और अनुमति को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव का पेंशन खाता सीज करने पर कोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा है। न्यायालय ने कार्रवाई के कानूनी आधार और अनुमति से जुड़े कई सवाल उठाते हुए 27 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है।

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी पूर्व बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव का पेंशन खाता सीज किए जाने को लेकर अदालत ने पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायालय ने पूछा है कि खाता किसके आदेश पर सीज किया गया और क्या इसके लिए न्यायालय की अनुमति ली गई थी। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

पेंशन खाता सीज करने की कार्रवाई पर उठे कानूनी सवाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: पेंशन खाता सीज करने पर पुलिस से कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण|

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के दौरान आरोपी पूर्व बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव का पेंशन खाता सीज किए जाने पर पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने पुलिस से इस कार्रवाई का कानूनी आधार स्पष्ट करने को कहा है। अदालत ने यह भी जानना चाहा है कि खाता सीज करने से पहले न्यायालय से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।

आरोपी ने पेंशन खाते से रोक हटाने की लगाई गुहार

जेल में बंद सुभाष श्रीवास्तव ने 18 जुलाई को अदालत में आवेदन देकर अपने पेंशन खाते से निकासी पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित थाना और जांच अधिकारी से 21 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

जांच अधिकारी और क्षेत्राधिकारी (सीओ) अयोध्या आशुतोष तिवारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि विवेचना के दौरान साक्ष्य एकत्र करने के उद्देश्य से बैंक खाता सीज किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि 25 जून 2026 के बाद खाते में जमा हुई राशि के भुगतान पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।

कोर्ट ने मांगी कार्रवाई की कानूनी जानकारी

सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से पूछा कि बैंक खाता किस कानूनी प्रावधान के तहत सीज किया गया और क्या इस प्रक्रिया के लिए न्यायालय की पूर्व अनुमति प्राप्त की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस इन सवालों का स्पष्ट जवाब अदालत के समक्ष नहीं दे सकी। इसी कारण अदालत ने विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है।

बचाव पक्ष ने उठाया पेंशन खाते का मुद्दा

आरोपी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुलशेखर सिंह ने अदालत में तर्क दिया कि कानून के अनुसार पेंशन खाते को सीधे सीज नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में ऐसी कार्रवाई आवश्यक हो, तो संबंधित खाताधारक को पहले नोटिस देना अनिवार्य है। उन्होंने पेंशन खाते से निकासी पर लगी रोक हटाने की मांग करते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया।

अब इस मामले में अदालत पुलिस के स्पष्टीकरण का इंतजार कर रही है। अगली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि खाता सीज करने की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप अपनाई गई थी या नहीं। मामले पर न्यायालय के आगामी आदेश के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

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