रथ सप्तमी 2026 के अवसर पर तिरुमाला में 25 जनवरी को भव्य उत्सव आयोजित होगा। भारी भीड़ को देखते हुए टीटीडी ने 24 से 26 जनवरी तक सभी VIP और विशेष दर्शन रद्द कर दिए हैं। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
Ratha Saptami 2026 Tirumala: तिरुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में 25 जनवरी 2026 को रथ सप्तमी का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस अवसर पर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा कारणों से 24 से 26 जनवरी तक सभी VIP और विशेष दर्शनों को स्थगित करने का निर्णय लिया है। प्रशासन का उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से दर्शन का अवसर प्रदान करना है।
तीन दिन के लिए सभी विशेष दर्शन स्थगित
टीटीडी के अनुसार, रथ सप्तमी के अवसर पर सभी तरह के विशेष दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। इसमें अनिवासी भारतीयों (NRI), वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, छोटे बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों और VIP श्रेणी के दर्शन शामिल हैं। इसके अलावा कल्याणोत्सव, उंजल सेवा, अर्जिता ब्रह्मोत्सव और सहस्त्र दीपालंकारा सेवा जैसी प्रमुख अर्जिता सेवाएं भी इस दौरान आयोजित नहीं की जाएंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 24 जनवरी को सर्व दर्शन के लिए किसी भी प्रकार का अनुशंसा पत्र या सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी। केवल प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले विशिष्ट अतिथियों को ही सीमित रूप से दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
क्यों खास है रथ सप्तमी
रथ सप्तमी हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। इसे सूर्य जयंती के रूप में भी जाना जाता है और यह दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है। तिरुमाला में इस दिन भगवान मलयप्पा स्वामी अपनी पत्नियों श्रीदेवी और भूदेवी के साथ मंदिर के चारों ओर स्थित चार माडा सड़कों पर अलग-अलग वाहनों में विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत दिव्य और दुर्लभ माना जाता है।

पूरे दिन चलेगा वाहन सेवा कार्यक्रम
टीटीडी ने रथ सप्तमी के लिए पूरे दिन का विस्तृत वाहन सेवा कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत भगवान को आठ अलग-अलग वाहनों में भक्तों को दर्शन देंगे।
- सुबह 5:30 से 8:00 बजे तक – सूर्य प्रभा वाहनम्
- सुबह 9:00 से 10:00 बजे तक – चिन्ना शेष वाहनम्
- सुबह 11:00 से दोपहर 12:00 बजे तक – गरुड़ वाहनम्
- दोपहर 1:00 से 2:00 बजे तक – हनुमंत वाहनम्
- दोपहर 2:00 से 3:00 बजे तक – चक्र स्नान
- शाम 4:00 से 5:00 बजे तक – कल्पवृक्ष वाहनम्
- शाम 6:00 से 7:00 बजे तक – सर्व भूपाल वाहनम्
- रात 8:00 से 9:00 बजे तक – चंद्र प्रभा वाहनम्
इन सभी वाहनों के दौरान भगवान मलयप्पा स्वामी श्रीदेवी और भूदेवी के साथ मंदिर परिसर में भ्रमण करेंगे। चक्र स्नानम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें भगवान को पवित्र स्नान कराया जाता है।
सुरक्षा और यातायात के लिए कड़े इंतजाम
रथ सप्तमी को लेकर टीटीडी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारी की है। टीटीडी अध्यक्ष बी.आर. नायडू और कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
उत्सव के दौरान करीब 1300 पुलिसकर्मियों और 1200 टीटीडी सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। यातायात को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग रूट प्लान तैयार किए गए हैं और पार्किंग व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
टीटीडी ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजन और पानी की विशेष व्यवस्था की है। गैलरी और प्रमुख स्थानों पर कुल 85 फूड काउंटर लगाए जाएंगे, जहां मुफ्त अन्नप्रसाद और पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी, ताकि दूर खड़े श्रद्धालु भी भगवान के दर्शन कर सकें। साथ ही पूरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव मिल सके।
श्रद्धालुओं से अपील
टीटीडी अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशानिर्देशों का पालन करें। सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों का सहयोग करें, कतार में अनुशासन बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें।
अधिकारियों का कहना है कि रथ सप्तमी एक अत्यंत पवित्र और विशेष अवसर है, ऐसे में सभी भक्तों को संयम और श्रद्धा के साथ उत्सव में भाग लेना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य यही है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन का अवसर मिल सके।
कुल मिलाकर, रथ सप्तमी 2026 के लिए तिरुमाला पूरी तरह तैयार है। भव्य धार्मिक आयोजन, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और व्यापक सुविधाओं के साथ यह उत्सव एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए यादगार अनुभव बनने जा रहा है।











