राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एडहॉक कमेटी की याचिका खारिज करने से इनकार करते हुए उसे वापस लेने की अनुमति दी। अब हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रशासक की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और नई कार्यकारिणी के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
जयपुर: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से जारी प्रशासनिक और कानूनी विवाद के बीच अब चुनाव कराने का रास्ता लगभग पूरी तरह साफ हो गया है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें RCA में समयबद्ध चुनाव कराने के निर्देश दिए गए थे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एडहॉक कमेटी की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे "बेतुका" बताया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
इस फैसले के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी रहेगा और प्रशासक की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ेगी। इससे वर्षों से लंबित RCA चुनाव को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त होती दिखाई दे रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एडहॉक कमेटी का गठन केवल अस्थायी व्यवस्था के तौर पर किया गया था ताकि चुनाव कराए जा सकें। अदालत ने सवाल उठाया कि आखिर चुनाव कराने के बजाय एडहॉक कमेटी का कार्यकाल बार-बार क्यों बढ़ाया गया और कब तक इसी व्यवस्था के सहारे क्रिकेट संघ का संचालन किया जाएगा।
अदालत की टिप्पणी से साफ संकेत मिला कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में नियमित चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और अस्थायी व्यवस्था को स्थायी रूप नहीं दिया जा सकता।
हाईकोर्ट के आदेश पर नहीं लगी रोक
एडहॉक कमेटी के कुछ पूर्व सदस्यों ने स्वयं को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का प्रतिनिधि बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी। उनका उद्देश्य राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगवाना था।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने स्वयं अपनी याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। इस फैसले के साथ हाईकोर्ट का आदेश पूरी तरह प्रभावी हो गया है।
सरकार ने भी उठाए अधिकार पर सवाल
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से भी महत्वपूर्ण पक्ष रखा गया। सरकार ने अदालत को बताया कि एडहॉक कमेटी को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के नाम पर याचिका दायर करने का अधिकार नहीं था।
सरकार ने यह भी कहा कि एसोसिएशन के नाम से दायर विशेष अनुमति याचिका को प्रशासक द्वारा अधिकृत याचिका नहीं माना जा सकता। अदालत ने सरकार के इस तर्क पर भी ध्यान दिया।
इसके बाद एडहॉक कमेटी की ओर से याचिका वापस लेने का निर्णय लिया गया।
प्रशासक की निगरानी में होंगे चुनाव
अब राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रशासक भास्कर ए. सावंत चुनाव प्रक्रिया का संचालन करेंगे। उन्हें मतदाता सूची को अंतिम रूप देना, निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति करना, चुनाव कार्यक्रम जारी करना और निर्धारित समय के भीतर पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करानी होगी।
हाईकोर्ट ने पहले ही निर्देश दिया था कि तीन महीने के भीतर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को नई निर्वाचित कार्यकारिणी मिल जानी चाहिए। साथ ही 29 जुलाई 2026 तक चुनाव कार्यक्रम अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लंबे समय से विवादों में रहा RCA
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पिछले कई वर्षों से प्रशासनिक विवाद, चुनावी मतभेद और कानूनी चुनौतियों का सामना करता रहा है। संघ के संचालन को लेकर अलग-अलग अदालतों में कई याचिकाएं दायर होती रही हैं।
इन विवादों के चलते नियमित चुनाव नहीं हो सके और संघ का संचालन लंबे समय तक अस्थायी व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जाता रहा। इसी कारण अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा और पारदर्शी चुनाव कराने के निर्देश देने पड़े।
राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रही एडहॉक कमेटी
RCA की एडहॉक कमेटी केवल प्रशासनिक कारणों से ही नहीं बल्कि राजनीतिक कारणों से भी चर्चा में रही। कमेटी के कई सदस्य प्रदेश के प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों से जुड़े बताए जाते रहे हैं।
इसी वजह से समिति की निष्पक्षता और अधिकारों को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे। चुनाव में लगातार देरी ने विवाद को और गहरा किया, जिसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा।
क्रिकेट गतिविधियों पर क्या पड़ेगा असर
याचिकाकर्ता राजीव प्रताप सिंह राठौड़ का कहना है कि अब अदालत के फैसलों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। उनका मानना है कि अगले तीन महीनों में RCA को नई निर्वाचित कार्यकारिणी मिल जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमित क्रिकेट गतिविधियां जारी रहेंगी। चूंकि वर्तमान समय बारिश का मौसम है, इसलिए घरेलू क्रिकेट गतिविधियों पर किसी बड़े प्रभाव की संभावना नहीं है।
नई कार्यकारिणी बनने के बाद प्रशासनिक निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे और खिलाड़ियों तथा जिला क्रिकेट संघों को भी स्थिर प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
पारदर्शी प्रशासन की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केवल राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन तक सीमित नहीं है बल्कि यह खेल संगठनों में लोकतांत्रिक व्यवस्था और जवाबदेही को मजबूत करने वाला संदेश भी देता है।
समयबद्ध चुनाव और निर्वाचित कार्यकारिणी किसी भी खेल संस्था के स्वस्थ संचालन के लिए आवश्यक माने जाते हैं। इससे वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों के हितों की रक्षा और खेल विकास से जुड़े निर्णय अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकते हैं।
अब सभी निगाहें इस बात पर होंगी कि प्रशासक निर्धारित समय-सीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाते हैं या नहीं। यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चलता है तो राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को जल्द ही नई निर्वाचित कार्यकारिणी मिल जाएगी और लंबे समय से चला आ रहा प्रशासनिक गतिरोध समाप्त हो जाएगा।












