RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक आज, 32 संगठनों के 327 प्रतिनिधि होंगे शामिल

RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक आज आयोजित होगी। बैठक में 32 संगठनों के 327 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें संगठनात्मक गतिविधियों और विभिन्न अहम मुद्दों पर

विशाखापट्टनम के समीप गुड़िलोवा स्थित ‘विज्ञान विहार’ विद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय ‘अखिल भारतीय समन्वय बैठक’ आयोजित हो रही है।

विशाखापत्तनम: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक बुधवार से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के निकट गुड़िलोवा में शुरू हो रही है। यह महत्वपूर्ण बैठक 19 अगस्त को सुबह 9 बजे शुरू होकर 21 अगस्त की शाम तक चलेगी। संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित हो रही इस बैठक में RSS से प्रेरित 32 संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी हिस्सा लेंगे।

बैठक विशाखापत्तनम के पास स्थित गुड़िलोवा के विज्ञान विहार विद्यालय परिसर में आयोजित की जा रही है। RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, इस वार्षिक समन्वय बैठक का उद्देश्य विभिन्न संगठनों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सामाजिक मुद्दों पर बेहतर तालमेल को मजबूत करना है। बैठक में RSS के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह और संघ के अन्य केंद्रीय पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।

32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी होंगे शामिल

अखिल भारतीय समन्वय बैठक में RSS से प्रेरित और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय संगठनों के राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिन्दू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय किसान संघ और राष्ट्र सेविका समिति सहित कई प्रमुख संगठन शामिल हैं।

बैठक में विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री, अखिल भारतीय संगठन मंत्री और चुनिंदा कार्यकर्ता भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार, विभिन्न संगठनों से 49 महिलाओं सहित 253 प्रमुख कार्यकर्ताओं के आने की उम्मीद है। RSS के पदाधिकारियों को मिलाकर कुल 327 प्रतिनिधि इस समन्वय बैठक में शामिल हो सकते हैं।

यह कार्यकारी बैठक नहीं, अनुभव साझा करने का मंच

RSS ने स्पष्ट किया है कि अखिल भारतीय समन्वय बैठक किसी संगठनात्मक निर्णय लेने वाली या कार्यकारी बैठक के रूप में आयोजित नहीं की जाती। इसका प्रमुख उद्देश्य समाज हित में काम कर रहे विभिन्न संगठनों के बीच संवाद बढ़ाना और उनके अनुभवों को साझा करना है। बैठक के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे संगठनों की गतिविधियों, चुनौतियों और सामाजिक बदलावों पर चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधि इस बात पर भी विचार करेंगे कि भविष्य में आपसी समन्वय को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

देश की वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों और उभरती चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। जनसांख्यिकीय बदलाव, उसके संभावित प्रभाव और सामाजिक स्तर पर आवश्यक कदमों जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा युवाओं को नशे की समस्या से दूर रखने और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

'पंच परिवर्तन' के एजेंडे पर होगी चर्चा

RSS के शताब्दी वर्ष के अवसर पर तय किए गए 'पंच परिवर्तन' के पांच प्रमुख विषयों पर भी बैठक में विशेष चर्चा की जाएगी। इनमें शामिल हैं—

  • सामाजिक समरसता को मजबूत करना
  • पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना
  • कुटुंब प्रबोधन और पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण
  • 'स्व' के भाव, स्वदेशी और स्व-जागरण को प्रोत्साहन
  • नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना

RSS के अनुसार, स्वयंसेवकों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इन विषयों पर अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। शताब्दी वर्ष की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और भविष्य में इन मुद्दों पर संगठनों की भूमिका तय करने के लिए भी बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा।

भारतीय विकास मॉडल पर भी विचार-विमर्श

बैठक में विकास की व्यापक अवधारणा पर चर्चा होने की उम्मीद है। RSS का मानना है कि विकास को केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और पारिवारिक पहलुओं को भी विकास के मॉडल में महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए। इसी सोच के आधार पर एक संतुलित और समग्र भारतीय विकास मॉडल के विभिन्न आयामों पर चर्चा की जाएगी। आने वाले समय में अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय संगठन इन विषयों को अपनी कार्ययोजनाओं में किस प्रकार शामिल कर सकते हैं, इस पर भी विचार किया जाएगा।

RSS से जुड़ने के लिए बढ़ा पंजीकरण

संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान RSS से जुड़ने में लोगों की बढ़ती रुचि के आंकड़े भी सामने आए हैं। RSS की वेबसाइट पर उपलब्ध 'Join RSS' सुविधा के माध्यम से जनवरी से जुलाई 2025 के बीच 55,423 लोगों ने पंजीकरण कराया था। वहीं, 2026 की इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 1,23,287 हो गई। जुलाई 2025 में जहां 9,718 लोगों ने RSS से जुड़ने की इच्छा जताई थी, वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या 24,086 दर्ज की गई। 

पंजीकरण कराने वालों में युवाओं की हिस्सेदारी उल्लेखनीय रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 65 प्रतिशत पंजीकृत लोग 30 वर्ष से कम उम्र के हैं, जबकि 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत है।

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