रुद्रप्रयाग गुरुद्वारा विवाद पर पुलिस का खुलासा, निहंगों के बीच आपसी मतभेद बना कारण

रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों और प्रबंधन के बीच विवाद को लेकर पुलिस ने सफाई दी। अधिकारियों ने इसे आपसी मतभेद बताया, क्षेत्र में शांति है।

रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में निहंग श्रद्धालुओं और प्रबंधन के बीच हुए विवाद को लेकर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों के अनुसार मामला आपसी मतभेद का था और अब क्षेत्र में पूरी तरह शांति बनी हुई है।

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच हुए विवाद को लेकर फैली अटकलों पर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि यह मामला आपसी विवाद का था, जिसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक जानकारियों को भी खारिज किया।

लंगर को लेकर शुरू हुआ था विवाद

रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में शनिवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब वहां ठहरे कुछ निहंग श्रद्धालुओं और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस के अनुसार विवाद की शुरुआत लंगर व्यवस्था को लेकर हुई थी। बहस बढ़ने पर गुरुद्वारा प्रबंधन ने आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

रुद्रप्रयाग गुरुद्वारा विवाद पर पुलिस का खुलासा, निहंगों के बीच आपसी मतभेद बना कारण

अधिकारियों के मुताबिक पुलिस के पहुंचने के बाद कुछ निहंग श्रद्धालु घबरा गए और गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल तथा छत पर चले गए। इसके बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लगातार उनसे संवाद स्थापित किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

कब्जे और बंधक बनाने की खबरों का किया गया खंडन

घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों पर गुरुद्वारे पर कब्जा किए जाने तथा लोगों को बंधक बनाए जाने जैसी खबरें सामने आईं। हालांकि पुलिस और जिला प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौके पर ऐसी कोई स्थिति नहीं थी और न ही किसी व्यक्ति को बंधक बनाया गया था।

गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि यह मुख्य रूप से गुरुद्वारा प्रबंधन और वहां आए निहंग श्रद्धालुओं के बीच का विवाद था। उन्होंने यह भी बताया कि गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े कई सदस्य स्वयं निहंग समुदाय से हैं, इसलिए इसे किसी बड़े सामुदायिक विवाद के रूप में देखना उचित नहीं है।

प्रशासन की पहल से सामान्य हुई स्थिति

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पक्षों से बातचीत कर हालात को शांत करने का प्रयास किया। कई दौर की चर्चा के बाद स्थिति सामान्य हो गई और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस, आईटीबीपी और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोका जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी संयम बनाए रखने की अपील की।

सोशल मीडिया अफवाहों की जांच शुरू

आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई भ्रामक और गलत जानकारियां प्रसारित की गईं। कुछ पोस्टों में इस मामले को कर्णप्रयाग में पहले हुई घटनाओं से जोड़कर पेश किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गलत सूचनाएं किसने और किस उद्देश्य से फैलाईं।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अफवाहों के जरिए चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को प्रभावित करने की कोशिश की गई हो सकती है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन के अनुसार नगरासू गुरुद्वारे और आसपास के क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण है। श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां भी नियमित रूप से जारी हैं।

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