नई रिसर्च के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर यानी हाई बीपी के मरीज साल में केवल दो बार दिए जाने वाले इंजेक्शन से अपनी बीमारी को नियंत्रित रख सकते हैं। यह थेरपी शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले प्रोटीन को ब्लॉक करती है और रोजाना दवा लेने की आवश्यकता को खत्म कर सकती है। शुरुआती ट्रायल में यह सुरक्षित और प्रभावी साबित हुई है।
High BP Treatment: नई रिसर्च में दावा किया गया है कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीज साल में केवल दो इंजेक्शन लेकर अपने बीपी को कंट्रोल में रख सकते हैं। अमेरिका की हार्ट एसोसिएशन और The Lancet जर्नल के शोधकर्ताओं ने बताया कि यह थेरपी शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले प्रोटीन को ब्लॉक करती है। फिलहाल ये इंजेक्शन क्लीनिकल ट्रायल में हैं और आम लोगों के लिए अभी उपलब्ध नहीं हैं। इस विधि से मरीजों को रोजाना दवा लेने की झंझट खत्म हो सकती है और स्ट्रोक या हार्ट डिजीज का खतरा भी कम हो सकता है।
इंजेक्शन कैसे काम करेगा
साल में दो बार दिए जाने वाले ये इंजेक्शन शरीर में उस प्रोटीन को ब्लॉक करते हैं जो हाई बीपी का मुख्य कारण बनता है। American Heart Association और The Lancet जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, यह तरीका उन मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो रोजाना दवा लेना नहीं चाहते या अक्सर दवा लेना भूल जाते हैं।
इस थेरपी का मकसद केवल बीपी को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि स्ट्रोक और हार्ट डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाव करना है। रिसर्च के अनुसार यह विधि लंबे समय तक प्रभावी रहने की संभावना रखती है।

बाजार में कब आएगी दवा?
हालांकि, इस समय ये इंजेक्शन अभी केवल क्लीनिकल ट्रायल में हैं और आम लोगों के लिए बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में ट्रायल और रिसर्च के बाद ही इसे मंजूरी दी जाएगी। इस बीच शुरुआती परिणामों ने वैज्ञानिकों को उम्मीद दिलाई है कि यह थेरपी भविष्य में हाई बीपी के इलाज में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।
संभावित लाभ
रोजाना दवा लेने की आवश्यकता समाप्त होगी
बीपी कंट्रोल में रहेगा
साल में केवल दो बार इंजेक्शन लेने होंगे
स्ट्रोक और हृदय रोग के जोखिम में कमी













