Share Market Crash: ट्रंप के टैरिफ ऐलान से भारतीय शेयर बाजार में आया भूचाल, सेंसेक्स 600 अंक तक टूटा

Share Market Crash: ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 600 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी पर भी दबाव बना रहा।

घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आयातित जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा के बाद दवा कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ा है।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आयातित जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ लगाने की योजना के ऐलान के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इसका सबसे अधिक असर फार्मा कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया, जबकि व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव रहा।

गुरुवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स एक समय 600 अंक से अधिक नीचे चला गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गया। सुबह करीब 9:40 बजे सेंसेक्स 575.29 अंक यानी 0.74% की गिरावट के साथ 76,894.82 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी समय निफ्टी 50 में 159.15 अंक यानी 0.66% की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,028.55 के स्तर पर पहुंच गया।

बाजार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता मानी जा रही है। भारत दुनिया के प्रमुख जेनेरिक दवा उत्पादकों में शामिल है और भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों का अमेरिकी बाजार में महत्वपूर्ण कारोबार है। ऐसे में अमेरिकी आयात शुल्क बढ़ने की संभावना से निवेशकों को कंपनियों की लागत, मार्जिन और निर्यात कारोबार पर संभावित असर की चिंता है।

फार्मा शेयरों पर खास दबाव

Share Market Crash: ट्रंप के टैरिफ ऐलान से भारतीय शेयर बाजार में आया भूचाल, सेंसेक्स 600 अंक तक टूटा

टैरिफ से जुड़ी खबरों के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। निवेशकों को आशंका है कि यदि अमेरिकी बाजार में भारतीय दवाओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है तो कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है। फार्मा सेक्टर के अलावा अन्य प्रमुख शेयरों में भी बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 25 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। 

इंडिगो के शेयर में सबसे अधिक कमजोरी दर्ज की गई। इसके अलावा सन फार्मा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फिनसर्व और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर भी दबाव में रहे। बाजार में व्यापक कमजोरी के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटरनल के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।

रुपये में भी कमजोरी

शेयर बाजार में गिरावट के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया करीब 0.1% की गिरावट के साथ 96.3425 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.2350 के स्तर पर बंद हुआ था। रुपये की कमजोरी और शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की संभावित बिकवाली के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों के संकेतों और अमेरिकी व्यापार नीति पर बनी हुई है।

भारतीय शेयर बाजार पहले से ही कई वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बीच कारोबार कर रहा है। अमेरिका की नई टैरिफ नीति ने बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। खासतौर पर उन कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है जिनका अमेरिकी बाजार पर कारोबार के लिहाज से अधिक निर्भरता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन की ओर से टैरिफ नीति को लेकर मिलने वाली अतिरिक्त जानकारी महत्वपूर्ण होगी। 

Leave a comment