नगर निगम शिमला ने किराया बकाया रखने और लीज नवीनीकरण न कराने वाले करीब 200 किरायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। भुगतान न करने वालों की पहले बिजली काटी जाएगी, उसके बाद संपत्तियां सील की जाएंगी।
शिमला: नगर निगम शिमला ने अपने किरायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बकाया किराया वसूली अभियान तेज करने का फैसला किया है। लंबे समय से किराया जमा न करने और लीज का नवीनीकरण नहीं कराने वाले करीब 200 किरायेदारों पर जल्द कार्रवाई की जा सकती है। निगम ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को अब अंतिम मौका दिया जाएगा।
200 किरायेदार निगम की कार्रवाई के दायरे में
नगर निगम शिमला के पास शहर भर में बड़ी संख्या में दुकानें, व्यावसायिक परिसर और अन्य संपत्तियां किराये पर दी गई हैं। इनमें से कई किरायेदार वर्षों से नियमित किराया जमा नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा अनेक मामलों में लीज की अवधि समाप्त होने के बावजूद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
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निगम अधिकारियों के अनुसार बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई किरायेदारों ने बकाया राशि जमा नहीं की है। ऐसे मामलों को देखते हुए अब सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। निगम का मानना है कि सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग करने वाले सभी लोगों को निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।
निगम की आय पर पड़ रहा असर
नगर निगम के पास लगभग 1200 दुकानें, भवन और अन्य व्यावसायिक संपत्तियां किराये पर हैं। इन परिसरों से हर वर्ष निगम को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, जो शहर के विकास और विभिन्न नागरिक सुविधाओं पर खर्च किया जाता है।
हालांकि बड़ी संख्या में किरायेदारों द्वारा किराया जमा न करने के कारण निगम की आय प्रभावित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे बकाये की वजह से वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। इसी कारण राजस्व वसूली को प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
अंतिम नोटिस के बाद होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम पहले सभी बकायेदार किरायेदारों को अंतिम नोटिस जारी करेगा। नोटिस में निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया किराया जमा करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
यदि तय समय तक भुगतान नहीं किया गया तो निगम बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के कार्रवाई शुरू करेगा। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार अवसर देने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है।
पहले बिजली कटेगी, फिर होगी सीलिंग
नगर निगम की प्रस्तावित कार्रवाई के तहत सबसे पहले संबंधित दुकानों और परिसरों की बिजली आपूर्ति बंद की जाएगी। इसका उद्देश्य उन परिसरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकना है, जहां किराया और लीज से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
इसके बाद भी यदि किरायेदार नियमों का पालन नहीं करते हैं तो दुकानों और भवनों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से बकाया राशि की वसूली में तेजी आएगी और अन्य किरायेदारों को भी समय पर भुगतान के लिए प्रेरणा मिलेगी।
बैठक में लिया गया अहम फैसला
नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राजस्व वसूली की स्थिति, लंबित मामलों और कानूनी पहलुओं की समीक्षा की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि नियमों का पालन न करने वाले किरायेदारों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई शुरू की जाए।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। ऐसे में बकाया किराया और लीज उल्लंघन के मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत कई परिसरों पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है।











