सीकर में गांजा और अवैध शराब के साथ युवक गिरफ्तार, सप्लायर नेटवर्क की जांच तेज

राजस्थान के सीकर में पुलिस ने रेलवे अंडरपास के पास दबिश देकर 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से 496 ग्राम गांजा और अवैध शराब की पेटी बरामद की गई।

सीकर की उद्योग नगर थाना पुलिस ने रेलवे अंडरपास के पास दबिश देकर 19 वर्षीय करण को गिरफ्तार किया। उसके पास से 496 ग्राम गांजा और अवैध देसी शराब की पेटी बरामद की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में अवैध नशा कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उद्योग नगर थाना पुलिस ने रेलवे अंडरपास के पास दबिश देकर आरोपी को पकड़ा, जिसके पास से लगभग आधा किलो गांजा और अवैध देसी शराब की एक पेटी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ह्यूमन इंटेलिजेंस इनपुट पर हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई ह्यूमन इंटेलिजेंस से मिली सूचना के आधार पर की गई। उद्योग नगर थाना प्रभारी (SHO) राजेश कुमार बुडानिया ने बताया कि सूचना मिली थी कि हिम्मतनगर क्षेत्र के रेलवे अंडरपास के पास एक युवक अवैध रूप से गांजा और शराब की बिक्री कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान उसके पास से 496 ग्राम गांजा और एक पेटी अवैध देसी शराब बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

19 वर्षीय युवक निकला आरोपी, नवलगढ़ से जुड़ा है मूल निवासी

गिरफ्तार युवक की पहचान करण (19) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नवलगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है। वर्तमान में वह हिम्मत नगर क्षेत्र में रह रहा था और वहीं से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी स्थानीय स्तर पर मजदूरों और कामगारों को निशाना बनाकर गांजा और शराब की बिक्री करता था। कम कीमत पर नशे की उपलब्धता के कारण यह नेटवर्क धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा था, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक दिया।

सप्लाई नेटवर्क की तलाश में पुलिस, बड़ा गिरोह होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी यह नशीला पदार्थ किसी स्थानीय सप्लायर से खरीदता था और फिर उसे छोटे स्तर पर बेचता था। पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुट गई है ताकि मुख्य स्रोत तक पहुंचा जा सके।

सीकर में गांजा और अवैध शराब के साथ युवक गिरफ्तार, सप्लायर नेटवर्क की जांच तेज

अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक छोटा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है जो क्षेत्र में नशे का कारोबार फैला रहा है। इसी वजह से आगे की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।

उद्योग नगर पुलिस की लगातार कार्रवाई, 5 महीनों में 15वीं बड़ी बरामदगी

उद्योग नगर थाना पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। पुलिस के अनुसार पिछले 5 महीनों में यह 15वीं बड़ी कार्रवाई है, जिसमें NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तारियां और बरामदगी की गई हैं। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन एंटी वेनम के तहत जिले में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कई सप्लायर और छोटे स्तर के तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

सीकर में नशा कारोबार पर पुलिस की सख्ती

सीकर जिले में अवैध नशे के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है। विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य न केवल छोटे तस्करों को पकड़ना है, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना भी है।

कोतवाली पुलिस ने स्मैक के साथ दो आरोपी पकड़े

इसी बीच सीकर कोतवाली थाना पुलिस ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक अलग कार्रवाई में 2.62 ग्राम स्मैक बरामद की है। यह कार्रवाई सालासर बस स्टैंड के पास नानी गेट सब्जी मंडी क्षेत्र में की गई। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान नटवरलाल शर्मा (40), निवासी सुभाष चौक और अमर सिंह, निवासी सबलपुरा के रूप में हुई है।

लगातार कार्रवाई से नशा नेटवर्क पर दबाव

सीकर पुलिस की लगातार कार्रवाई से नशा तस्करी के नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। पिछले कुछ महीनों में कई छोटे और मध्यम स्तर के तस्करों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस मुख्य सप्लायर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारी संभव है।

युवाओं को नशे से दूर रखने की चुनौती

पुलिस और सामाजिक संगठनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखना है। छोटे स्तर पर होने वाली बिक्री अक्सर कम उम्र के लोगों को आसानी से अपनी ओर आकर्षित कर लेती है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

इसी वजह से पुलिस के साथ-साथ समाज को भी जागरूक रहने की जरूरत है ताकि नशे के इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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