सिवान के रघुनाथपुर प्रखंड की ज्योति कुमारी और आस्था सिंह ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) पद प्राप्त किया है। उनकी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल कर सिवान जिले की दो बेटियों ने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। रघुनाथपुर प्रखंड की ज्योति कुमारी और आस्था सिंह का चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र में प्रेरणादायक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
ज्योति कुमारी ने बढ़ाया गांव का गौरव
रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के दिघवलिया गांव की रहने वाली Jyoti Kumari ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) पद हासिल किया है। वह उमाशंकर बैठा और गुड्डी देवी की पुत्री हैं। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल बन गया।
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ज्योति के चाचा एवं प्रधानाध्यापक योगेंद्र बैठा ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी और कहा कि उनकी उपलब्धि गांव की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की।
आस्था सिंह ने भी हासिल की बड़ी सफलता
रघुनाथपुर प्रखंड के संठी गांव की रहने वाली Aastha Singh ने भी बीपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए RDO पद प्राप्त किया है। वह सुनील कुमार सिंह और माला देवी की पुत्री हैं।
आस्था ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
क्षेत्र में जश्न और बधाइयों का दौर
दोनों बेटियों की सफलता से रघुनाथपुर प्रखंड और पूरे सिवान जिले में उत्साह का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। परिवारों में मिठाइयां बांटी जा रही हैं और लोग इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बता रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक सेवा में पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन ज्योति और आस्था ने अपनी लगन और मेहनत से यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है।
छात्राओं के लिए बनीं प्रेरणा
ज्योति और आस्था की सफलता को क्षेत्र की छात्राओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर बड़ी सफलताएं हासिल की जा सकती हैं।
शिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि इन दोनों की सफलता से क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई प्रेरणा मिलेगी। उनकी उपलब्धि न केवल उनके परिवारों बल्कि पूरे सिवान जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।










