सर्दियों में हीटर से गर्मी लेना पड़ सकता है महंगा, फेफड़ों पर पड़ता है सीधा असर

रातभर हीटर चलाने से फेफड़ों पर बुरा असर पड़ सकता है. सूखी हवा से खांसी, सांस की दिक्कत और अस्थमा बढ़ने का खतरा रहता है. सुरक्षित इस्तेमाल जरूरी है.

सर्दियों में रातभर हीटर चलाकर सोना फेफड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, हीटर की सूखी हवा से गला सूखना, खांसी, सांस लेने में दिक्कत और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सही वेंटिलेशन और सावधानियों के साथ ही हीटर का इस्तेमाल सुरक्षित माना जाता है।

Heater Health Risk: सर्दियों के मौसम में ठंड से बचने के लिए लोग रातभर कमरे में हीटर चलाकर सोते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह आदत फेफड़ों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। यह जानकारी देश के एक प्रमुख अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट ने दी है। हीटर से कमरे की नमी खत्म हो जाती है, जिससे हवा सूखी हो जाती है और सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ती हैं। खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा मरीज इसके ज्यादा शिकार हो सकते हैं।

रातभर हीटर चलाकर सोना कितना सुरक्षित?

सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर रातभर कमरे में हीटर चलाकर सोते हैं। यह आदत शुरुआत में आरामदायक लगती है, लेकिन लंबे समय तक इसका असर सेहत पर पड़ सकता है, खासकर फेफड़ों पर। डॉक्टरों का कहना है कि हीटर की लगातार गर्म और सूखी हवा से सांस से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ सकती हैं।

कमरे में हीटर चलने से हवा में नमी कम हो जाती है। इसका सीधा असर गले, त्वचा, आंखों और सांस की नलियों पर पड़ता है। सुबह उठते समय गले में सूखापन, खांसी, सांस फूलना या सीने में भारीपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों को इससे ज्यादा परेशानी हो सकती है।

फेफड़ों पर क्या पड़ता है सीधा असर?

मूलचंद हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री बताते हैं कि हीटर की गर्मी कमरे की नमी को सोख लेती है, जिससे हवा बेहद सूखी हो जाती है। जब व्यक्ति ऐसी हवा में सांस लेता है तो फेफड़ों की नलिकाएं सिकुड़ने लगती हैं और उनमें जलन होने लगती है। इससे खांसी बढ़ सकती है और सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है।

डॉ. मंत्री के अनुसार, सूखी हवा फेफड़ों के अंदर मौजूद म्यूकस को गाढ़ा कर देती है। इससे सांस की नलियों में रुकावट बढ़ती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। जिन लोगों को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या एलर्जी की समस्या है, उन्हें रात में हीटर चलाने से सांस फूलने जैसी परेशानी हो सकती है।

हीटर का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करें?

डॉक्टरों का कहना है कि हीटर का इस्तेमाल पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। कमरे में हमेशा हल्का वेंटिलेशन होना चाहिए ताकि ताजी हवा आती रहे। इसके साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखें या ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें, जिससे हवा में नमी बनी रहे।

हीटर को पूरी रात चलाने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों को हीटर के बहुत पास न बैठने दें। अगर लगातार खांसी, सांस की तकलीफ या सीने में जकड़न जैसी समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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