ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया एज बैन की चुनौती: उम्र छिपाकर इंस्टाग्राम और यूट्यूब चला रहे बच्चे, सरकार करेगी नियम और सख्त

ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया एज बैन कानून को लेकर चुनौती बढ़ी। बच्चे उम्र छिपाकर Instagram और YouTube चला रहे हैं, अब सरकार नियमों को और सख्त करने की

Australia में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य उन्हें ऑनलाइन दुनिया से होने वाले संभावित मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसान से बचाना था।

Social Media Ban: ऑस्ट्रेलिया ने बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित मानसिक और डिजिटल खतरों से बचाने के उद्देश्य से 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए दुनिया का पहला सोशल मीडिया आयु-प्रतिबंध (Age Ban) लागू किया था। हालांकि, हाल ही में सामने आए एक नए अध्ययन ने संकेत दिया है कि यह कानून शुरुआती चरण में अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। बड़ी संख्या में नाबालिग अब भी इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, आयु-प्रतिबंध लागू होने के तीन महीने बाद भी अधिकांश किशोर सोशल मीडिया तक आसानी से पहुंच बना रहे हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी आयु सत्यापन (Age Verification) और डिजिटल निगरानी भी उतनी ही आवश्यक है।

अध्ययन में क्या सामने आया?

यह अध्ययन ऑस्ट्रेलिया के 12 से 15 वर्ष की आयु के 408 किशोरों पर किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कानून लागू होने के बावजूद लगभग 85 प्रतिशत किशोर सोशल मीडिया का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे थे। शोध में यह भी सामने आया कि दो-तिहाई से अधिक नाबालिग उपयोगकर्ताओं ने प्लेटफॉर्म के आयु सत्यापन सिस्टम को आसानी से दरकिनार कर दिया। ]

कई बच्चों ने अपनी जन्मतिथि गलत दर्ज कर स्वयं को 16 वर्ष से अधिक बताया, जबकि कुछ ने पहचान सत्यापन प्रक्रिया में फर्जी सेल्फी या अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि इस कानून का उद्देश्य बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच सीमित करना और ऑनलाइन जोखिम कम करना था, लेकिन फिलहाल उनके व्यवहार या सोशल मीडिया उपयोग में कोई उल्लेखनीय कमी दर्ज नहीं की गई।

सरकार करेगी नियम और सख्त

ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया एज बैन की चुनौती: उम्र छिपाकर इंस्टाग्राम और यूट्यूब चला रहे बच्चे, सरकार करेगी नियम और सख्त

अध्ययन के सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने संकेत दिए हैं कि सरकार कानून को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मजबूत कानूनी प्रावधान तैयार करना चाहती है जो किसी भी कानूनी चुनौती का सामना कर सकें और डिजिटल सुरक्षा के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।

सरकार का मुख्य फोकस अब देश के इंटरनेट नियामक eSafety Commission को अधिक अधिकार देना है, ताकि वह नियमों का उल्लंघन करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ सीधे कार्रवाई कर सके। हालांकि प्रस्तावित संशोधनों का विस्तृत खाका अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

किन प्लेटफॉर्म्स पर होगा असर?

यह कानून प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों जैसे Meta के इंस्टाग्राम और Google के यूट्यूब सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर लागू किया जा रहा है। इन कंपनियों की जिम्मेदारी होगी कि वे 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अकाउंट बनाने या सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध न होने दें। यदि कंपनियां आयु सत्यापन संबंधी नियमों का पालन करने में विफल रहती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इस कानून को लेकर कानूनी विवाद भी शुरू हो चुका है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit ने ऑस्ट्रेलिया के हाई कोर्ट में इस कानून को चुनौती दी है। फिलहाल मामला प्रारंभिक सुनवाई के चरण में है और आने वाले समय में इसका फैसला इस कानून के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो डिजिटल प्लेटफॉर्म व्यवस्थित रूप से नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ अदालत का रुख अपनाया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कंपनियों पर 34 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 280 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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