सुल्तानपुर में स्कूल बस ने बाइक को मारी टक्कर: पति-पत्नी और बेटे ने तोड़ा दम, शव पहुंचते ही बेटियों की चीख से गमगीन हुआ बाजार

सुल्तानपुर में स्कूल बस की टक्कर से पति-पत्नी और इकलौते बेटे की मौत हो गई। शव पहुंचते ही चार बेटियों की चीख-पुकार से बाजार गमगीन हो गया।
सुल्तानपुर में स्कूल बस ने बाइक को मारी टक्कर: पति-पत्नी और बेटे ने तोड़ा दम, शव पहुंचते ही बेटियों की चीख से गमगीन हुआ बाजार
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सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में मंगलवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। अखंडनगर थाना क्षेत्र में अलीपुर बाजार के पास स्कूल बस और मोपेड बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। बाइक पर पति-पत्नी अपने इकलौते बेटे के साथ सवार थे। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान बेटे की मौत हो गई, जबकि गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए माता-पिता ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही इलाके में मातम छा गया।

मृतकों की पहचान रामलवट गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गावती देवी और बेटे अजय उर्फ प्रदीप के रूप में हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में उम्र को लेकर अंतर है, लेकिन सभी रिपोर्टें इस बात की पुष्टि करती हैं कि मृतक दंपती का अजय इकलौता बेटा था। परिवार में चार बेटियां हैं। माता-पिता और इकलौते भाई की एक साथ मौत के बाद बेटियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जब परिजन पहुंचे तो वहां चीख-पुकार मच गई। एक बेटी अपने माता-पिता और भाई के शव देखकर बेसुध हो गई।

बताया गया कि रामलवट गुप्ता अपने भाई की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए पत्नी दुर्गावती और बेटे अजय के साथ घर से निकले थे। परिवार को क्या पता था कि जिस अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वे जा रहे हैं, कुछ ही देर बाद उसी परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर पूरे इलाके को झकझोर देगी। अलीपुर बाजार के पास पहुंचते ही सामने से आ रही स्कूल बस ने उनकी मोपेड में टक्कर मार दी। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक बस गलत दिशा से आ रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसा होते ही आसपास मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। सड़क पर घायलों को देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की। पुलिस भी मौके पर पहुंची और तीनों को उपचार के लिए अखंडनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने बेटे अजय उर्फ प्रदीप को मृत घोषित कर दिया, जबकि रामलवट और दुर्गावती की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अंबेडकरनगर जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान दोनों की भी मौत हो गई।

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर जैसे ही गांव और बाजार तक पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक भाई की अंत्येष्टि में जाने की तैयारी हो रही थी, वहां अब तीन अर्थियां उठने की खबर पहुंच चुकी थी। परिजनों के लिए यह सदमा इसलिए भी और बड़ा है क्योंकि परिवार ने पहले ही एक सदस्य को खोया था और उसी दुख के बीच एक और भयावह त्रासदी सामने आ गई।

मृतक परिवार में चार बेटियां हैं। अजय अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार बेटियों के नाम शिवांगी, प्रिया, नंदनी और रिया बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में उनकी उम्र में मामूली अंतर सामने आया है। माता-पिता और इकलौते भाई की मौत के बाद चारों बेटियों के सामने परिवार को संभालने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ट्रॉमा सेंटर में शव पहुंचने के बाद बेटियों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया।

रामलवट गुप्ता बाजार में छोटी दुकान चलाते थे और परिवार की जिम्मेदारियां संभालते थे। वहीं उनका बेटा अजय उर्फ प्रदीप परिवार की मदद के लिए ई-रिक्शा चलाता था। परिवार के लिए वह सिर्फ इकलौता बेटा ही नहीं, बल्कि माता-पिता का सहारा भी था। एक सड़क हादसे ने कुछ ही पलों में माता-पिता और बेटे तीनों को परिवार से छीन लिया।

हादसे के बाद स्कूल बस का चालक मौके से बस लेकर फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चालक की तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार वर्मा के अनुसार चालक की तलाश की जा रही है। क्षेत्राधिकारी कादीपुर विनय गौतम ने बताया कि तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

हादसे के कारणों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। स्थानीय रिपोर्टों में बस के गलत दिशा में आने की बात कही गई है। हालांकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों और चालक की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस बस चालक की तलाश में जुटी है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा और सड़क पर यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ-साथ सड़क पर अन्य लोगों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। तेज गति, गलत दिशा में वाहन चलाना या यातायात नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस मामले में भी पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी लापरवाही थी।

अलीपुर बाजार के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी यह हादसा बेहद झकझोर देने वाला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हादसे के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति रही। परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।

सबसे दर्दनाक स्थिति अस्पताल में देखने को मिली। परिवार की बेटियां जब माता-पिता और भाई के शवों के पास पहुंचीं तो उनकी चीख-पुकार से पूरा ट्रॉमा सेंटर गमगीन हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक नंदनी शव देखकर बेसुध हो गई। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभाला। माता-पिता और इकलौते भाई को खोने का दर्द परिवार के लिए शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

परिवार के लिए यह हादसा कई स्तर पर भारी नुकसान लेकर आया है। माता-पिता के साथ इकलौते बेटे की मौत से चार बेटियां पीछे रह गई हैं। अजय की मौत ने परिवार के उस सदस्य को भी छीन लिया जो भविष्य में माता-पिता और बहनों का सहारा बन सकता था। अब चारों बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है और भाई भी नहीं रहा।

घटना के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस दुर्घटना में शामिल स्कूल बस और उसके चालक के बारे में जानकारी जुटा रही है। चालक के पकड़े जाने के बाद दुर्घटना के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों में हादसे को लेकर नाराजगी भी है। लोगों का कहना है कि सड़क पर वाहनों की आवाजाही के दौरान यातायात नियमों का पालन जरूरी है। स्कूल बस जैसे बड़े वाहनों के मामले में चालक की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि उससे बच्चों के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी जुड़ी होती है। पुलिस जांच के बाद यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा उस परिवार के लिए दोहरी त्रासदी बन गया, जो पहले ही एक रिश्तेदार की मौत के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा था। परिवार ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि अंतिम संस्कार के लिए निकले तीन लोग खुद ही वापस नहीं लौटेंगे। कुछ घंटों के अंतर में एक परिवार में तीन मौतों की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।

सड़क हादसों में अक्सर कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे जाती है। इस घटना में भी परिवार के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन तीन लोगों के साथ घर की जिम्मेदारियां और भविष्य जुड़ा था, उनके जाने के बाद परिवार की जिंदगी किस तरह आगे बढ़ेगी। चार बेटियों ने एक साथ माता-पिता और भाई को खोया है। हादसे की यह तस्वीर स्थानीय लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा में रहेगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार बस चालक को पकड़ना और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना है। पुलिस की जांच में यदि गलत दिशा में बस चलाने या अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सुल्तानपुर के अखंडनगर क्षेत्र में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, चार बेटियों का बेसहारा होना और अस्पताल में शव पहुंचने के बाद मची चीख-पुकार ने इस दुर्घटना की भयावहता को सामने ला दिया। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और फरार चालक की गिरफ्तारी पर है। परिवार को उम्मीद है कि हादसे के जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

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