सुप्रीम कोर्ट ने RPSC SI भर्ती परीक्षा 2025 में राहत केवल याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा तक सीमित कर दी। पहले 95,400 उम्मीदवारों को मिलने वाली राहत अब लागू नहीं होगी। अन्य उम्मीदवार हाई कोर्ट में नई याचिका कर सकते हैं।
Rajasthan: SI भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में बदलाव करते हुए राहत केवल याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा तक सीमित कर दी है। इसका मतलब यह हुआ कि पहले करीब 95,400 उम्मीदवारों को मिलने वाली अस्थायी राहत अब केवल मीणा तक ही सीमित रहेगी। इस फैसले से हजारों उम्मीदवारों को झटका लगा है, जिन्होंने उम्मीद की थी कि उन्हें भी परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी।
पहले का आदेश
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने पहले 2 अप्रैल को आदेश देते हुए लगभग 2.21 लाख उम्मीदवारों को RPSC SI/Platoon Commander भर्ती परीक्षा 2025 में अस्थायी रूप से शामिल होने की अनुमति दी थी। यह आदेश सूरज मल मीणा की याचिका पर आधारित था। मीणा ने अपनी याचिका में बताया था कि परीक्षा में भाग लेने के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला और परीक्षा कम से कम चार हफ्ते के लिए स्थगित होनी चाहिए।
इस आदेश में पैरा 5 और 6 को विशेष रूप से शामिल किया गया था, जिसमें यह कहा गया था कि याचिकाकर्ता जैसे अन्य उम्मीदवारों को भी अंतरिम राहत दी जा सकती है। इस वजह से हजारों उम्मीदवारों ने परीक्षा में बैठने की उम्मीद की थी।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की याचिका पर बदलाव
हालांकि, शुक्रवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की और अपने पक्ष में सुनवाई करवाई। आयोग ने बताया कि इतने अधिक उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल करना उसके लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इस याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में संशोधन किया और राहत केवल सूरज मल मीणा तक सीमित कर दी।
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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मीणा के अलावा किसी अन्य उम्मीदवार ने ऐसी राहत पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया था। यही वजह थी कि कोर्ट ने राहत का दायरा सीमित करने का निर्णय लिया।
अन्य उम्मीदवारों की स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच द्वारा इस मामले पर फैसला आने के बाद बाकी उम्मीदवारों के पास अदालत में याचिका दायर करने का पूरा अधिकार रहेगा। इसका मतलब है कि अन्य उम्मीदवारों को अभी भी न्याय पाने का अवसर है, लेकिन फिलहाल उन्हें इस आदेश से कोई राहत नहीं मिलेगी।
याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा की राहत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सूरज मल मीणा को परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी गई है। यह राहत केवल मीणा तक ही सीमित रहेगी और किसी अन्य उम्मीदवार पर लागू नहीं होगी। मीणा की याचिका पर यह विशेष आदेश दिया गया, जिससे परीक्षा में बैठने का उसका अधिकार सुनिश्चित हो सके।
परीक्षा पर असर
इस फैसले से RPSC SI परीक्षा में शामिल अन्य हजारों उम्मीदवारों को असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। कई उम्मीदवारों ने तैयारी पूरी कर ली थी और उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट का पिछला आदेश सभी पर लागू होगा। अब यह स्पष्ट हो गया है कि राहत केवल याचिकाकर्ता तक सीमित है।
हालांकि, कोर्ट ने बाकी उम्मीदवारों को यह अधिकार दिया है कि वे राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच के फैसले के बाद नई याचिका दाखिल कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से उम्मीदवारों को न्याय मिलने की संभावना बनी रहेगी, लेकिन समय सीमा और प्रक्रिया को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।










