Tamil Nadu से राज्यसभा की एक रिक्त सीट के लिए 18 जून को होने वाला चुनाव राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। इसे सत्तारूढ़ Tamilaga Vettri Kazhagam सरकार के लिए पहली बड़ी संसदीय परीक्षा माना जा रहा है।
Rajya Sabha Elections 2026: तमिलनाडु की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। राज्य की एक रिक्त राज्यसभा सीट के लिए 18 जून 2026 को मतदान होना है, जिसे सत्तारूढ़ Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) नीत गठबंधन की पहली बड़ी संसदीय परीक्षा माना जा रहा है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता में आई TVK सरकार के लिए यह चुनाव राजनीतिक रणनीति और गठबंधन प्रबंधन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह सीट पूर्व सांसद C. V. Shanmugam के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद राज्यसभा सदस्यता छोड़ दी थी। अब इस सीट पर होने वाला चुनाव राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे सकता है।
TVK गठबंधन के सामने उम्मीदवार चयन की चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या Tamilaga Vettri Kazhagam इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी या गठबंधन सहयोगियों को साधने के लिए सीट किसी सहयोगी दल को देगी। चूंकि TVK ने हालिया विधानसभा चुनावों में गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर सत्ता हासिल की है, इसलिए यह चुनाव गठबंधन संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेष रूप से Indian National Congress की भूमिका पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में TVK सरकार को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर क्या फैसला लिया जाता है।
चुनाव कार्यक्रम: कब होगा नामांकन और मतदान?
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी की जाएगी। उसी दिन से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
- नामांकन की अंतिम तारीख: 8 जून
- नामांकन पत्रों की जांच: 9 जून
- नाम वापस लेने की अंतिम तारीख: 11 जून
- मतदान और मतगणना: 18 जून
यदि चुनाव निर्विरोध नहीं होता, तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
विधानसभा की संख्या और जीत का गणित

तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान प्रभावी संख्या 233 है। किसी उम्मीदवार को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 117 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। राज्य में फिलहाल किसी एक दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, इसलिए गठबंधन की राजनीति इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर TVK नीत गठबंधन को बढ़त में माना जा रहा है, लेकिन सहयोगी दलों के समर्थन को बनाए रखना उसके लिए आवश्यक होगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गठबंधन के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर सहमति नहीं बनती, तो चुनाव दिलचस्प मोड़ ले सकता है। यह राज्यसभा चुनाव केवल एक संसदीय सीट का मामला नहीं है, बल्कि इसे नई सरकार की राजनीतिक स्थिरता और गठबंधन प्रबंधन की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
Vijay के नेतृत्व में बनी TVK सरकार पहली बार किसी बड़े संसदीय चुनाव का सामना करेगी। ऐसे में पार्टी की रणनीति और सहयोगियों के साथ उसके संबंधों पर सभी की नजरें टिकी हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यदि TVK सफलतापूर्वक गठबंधन संतुलन बनाए रखते हुए सीट जीत लेती है, तो यह राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा।
कांग्रेस और सहयोगी दलों की भूमिका अहम
गठबंधन राजनीति के इस दौर में सहयोगी दलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासतौर पर Indian National Congress जैसे दल यह उम्मीद कर सकते हैं कि उन्हें राज्यसभा प्रतिनिधित्व का अवसर मिले। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में सीट साझा करने और उम्मीदवार चयन को लेकर कई दौर की बैठकों की संभावना है। इससे गठबंधन की आंतरिक राजनीति भी प्रभावित हो सकती है।












