ट्रंप की फिर से भारत पर टैरिफ लगाने की तैयारी? अमेरिकी सांसद ने किया बड़ा दावा

अमेरिका भारत पर टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। भारत रूस और ईरान से तेल खरीद रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बजट प्रभावित है।

अमेरिका भारत पर टैरिफ लगाने की योजना पर विचार कर रहा है। ट्रंप प्रशासन ने रूस से भारत के तेल आयात को मुद्दा बनाया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ सकता है।

Trump Tariff: अमेरिका में हाल ही में कुछ ऐसे संकेत सामने आए हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था और तेल की खरीद पर सवाल उठने लगे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ब्रांड शेयरमैन ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाने के बहाने ढूंढ रहे हैं। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जबकि यह बात पूरी तरह संतुलित नहीं है।

भारत अपनी जरूरत का केवल 21 प्रतिशत तेल रूस से लेता है। इसके बावजूद अमेरिका भारत को निशाना बना रहा है। ट्रंप ने चीन पर टैरिफ लगाने का कारण फेंटिनल और अन्य सामग्रियों के आयात को बताया था, लेकिन भारत पर यह तर्क रूस से तेल खरीदने को लेकर इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारत का तेल आयात

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई रणनीतियां अपनाई हैं। 2020 के बाद अमेरिका ने भारत पर ईरान से सस्ता तेल खरीदने का दबाव बनाया था। भारत ने अमेरिका की बात मानते हुए ईरान से तेल की खरीद रोक दी, जिससे अमेरिका पर निर्भरता बढ़ी। इसके परिणामस्वरूप, भारत को महंगा तेल खरीदना पड़ा और चीन को सस्ता ईरानी तेल मिल गया।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत को रूस से सस्ता तेल मिलने लगा। इससे भारत ने अपनी खरीद को रूस की तरफ शिफ्ट किया। इस फैसले से भारत की जेब पर कुछ फायदा हुआ, लेकिन अमेरिका और चीन के बीच वैश्विक तेल बाजार में संतुलन बिगड़ा।

इंडस्ट्री मंत्रालय की स्थिति

ट्रंप की फिर से भारत पर टैरिफ लगाने की तैयारी? अमेरिकी सांसद ने किया बड़ा दावा

भारत के कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने स्वीकार किया है कि भारत अब अमेरिका से तेल की खरीद बढ़ा रहा है। इसे "इंपोर्ट डायवर्सिफिकेशन" के नाम से पेश किया गया है। इसका उद्देश्य है कि भारत वैश्विक तेल बाजार में अपनी सुरक्षा और आपूर्ति सुनिश्चित कर सके।

विशेषज्ञ ब्रह्मचलानी का कहना है कि ट्रंप की इस नीति का उद्देश्य चीन को फायदा पहुंचाना और भारत को महंगे तेल पर निर्भर करना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने पिछले कार्यकाल में इसी तरीके से भारत पर दबाव डालकर अपनी बात मनवाता रहा है।

रूस और ईरान के तेल विकल्प

भारत के लिए रूस और ईरान से सस्ता तेल एक महत्वपूर्ण विकल्प रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदकर अपने ऊर्जा बजट को कम किया। इसके अलावा, ईरान से मिलने वाला सस्ता तेल चीन को जा रहा है। इस वजह से अमेरिका ने भारत की खरीदारी को प्रभावित करने का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि अगर अमेरिका टैरिफ लागू करता है तो इससे भारत को महंगे तेल की खरीद करनी पड़ेगी और इसके परिणामस्वरूप आर्थिक दबाव बढ़ेगा। यह नीति भारत के ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।

भारत की रणनीति

भारत ने वैश्विक तेल बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए आयात विविधीकरण अपनाया है। इसका मतलब है कि भारत केवल एक देश या स्रोत पर निर्भर नहीं रहेगा। रूस, अमेरिका और ईरान से तेल खरीदकर भारत अपने बजट और ऊर्जा सुरक्षा को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है।

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