लखनऊ के गोमतीनगर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड की जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की कई परतें सामने आ रही हैं। ICICI बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा की उनके पति मानस बाजपेयी ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद मानस अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन को भी गोली मार दी और फिर खुद को गोली मारकर जान दे दी। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह और वारदात से पहले हुए विवाद की कड़ियां जोड़ रही है।
शुरुआती जांच में तलाक, स्त्रीधन और आर्थिक विवाद को वारदात की अहम वजहों में शामिल किया जा रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक पति-पत्नी करीब एक साल से अलग रह रहे थे और उनके बीच तलाक को लेकर कानूनी विवाद भी चल रहा था। कुछ रिपोर्टों में पत्नी की ओर से बड़ी रकम की मांग का भी जिक्र किया गया है। हालांकि रकम को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है, इसलिए इसे फिलहाल जांच में सामने आया दावा ही माना जा रहा है।
दिव्या मिश्रा गोमतीनगर स्थित ICICI बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर काम करती थीं। गुरुवार को मानस उनके बैंक के बाहर पहुंचा। पुलिस के अनुसार, उसने पत्नी को बाहर बुलाया और उसके बाद उस पर गोली चला दी। गोली लगने से दिव्या की मौत हो गई। घटना के बाद मानस वहां से निकल गया और अपने घर की तरफ चला गया।
इसके बाद घटनाक्रम और भयावह हो गया। मानस हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसकी बहन भी रहती थी। पुलिस के मुताबिक उसने अपनी बहन को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मार ली। पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को मृत पाया।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पारिवारिक विवाद किस स्थिति तक पहुंच गया था कि आरोपी ने कुछ ही समय में पत्नी और बहन की जान ले ली और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। पुलिस दोनों परिवारों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और पुराने विवादों, तलाक की कार्रवाई तथा आर्थिक मामलों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि पति-पत्नी के रिश्ते में लंबे समय से तनाव था। दोनों अलग-अलग रह रहे थे। इसी दौरान तलाक की प्रक्रिया आगे बढ़ी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात से पहले दोनों के बीच कोई नया विवाद हुआ था या नहीं और क्या आरोपी ने पहले से हत्या की योजना बनाई थी।
घटना के बाद पुलिस को मौके से तीन पिस्टल मिलने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों का इस्तेमाल किस क्रम में हुआ और आरोपी के पास इतने हथियार कैसे पहुंचे। हथियारों की फोरेंसिक जांच से भी पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
इस मामले में आरोपी की मानसिक स्थिति और उसके व्यवहार की भी जांच महत्वपूर्ण है। कुछ रिपोर्टों में परिवार से जुड़े लोगों ने उसके व्यवहार और लंबे समय से चल रहे तनाव का जिक्र किया है। हालांकि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति के संबंध में अंतिम निष्कर्ष केवल विशेषज्ञ जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
वारदात से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों की भी पुलिस जांच कर रही है। उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप गतिविधियों को खंगाला जा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी ने हत्या के बाद मोबाइल स्टेटस के जरिए आगे की कार्रवाई का संकेत भी दिया था। इससे पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वारदात अचानक हुई या आरोपी ने पहले से इसकी योजना बना रखी थी।
दिव्या के परिवार की ओर से भी मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों के बयान और पुराने विवादों की जानकारी पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि शादी के बाद दोनों के रिश्ते में तनाव कब शुरू हुआ और पिछले एक साल में विवाद किस तरह बढ़ता गया।
इस हत्याकांड में दिव्या की बहन और परिवार के अन्य सदस्यों से जुड़ी जानकारी भी सामने आ रही है। रिपोर्टों के अनुसार दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा पत्रकार और यूट्यूबर हैं। घटना के बाद परिवार में गहरा सदमा है।
पुलिस की जांच केवल हत्या के कारण तक सीमित नहीं है। हथियार कहां से आए, आरोपी बैंक तक किस रास्ते से पहुंचा, वारदात के बाद वह घर कैसे पहुंचा और घर में बहन की हत्या किस परिस्थिति में हुई—इन सभी बिंदुओं को जोड़ा जा रहा है।
गोमतीनगर जैसे व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े बैंक के बाहर महिला की गोली मारकर हत्या होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान जुटा रही है। इससे वारदात के समय आरोपी की गतिविधियों का क्रम तैयार करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस अब तलाक से जुड़े दस्तावेजों और आर्थिक विवाद के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यदि डेढ़ करोड़ रुपये की मांग से जुड़ा कोई दस्तावेज या कानूनी रिकॉर्ड सामने आता है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह रकम और उससे जुड़ी बातें जांच में सामने आए दावों का हिस्सा हैं, अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं।
इस घटना ने पारिवारिक विवाद के हिंसक रूप लेने को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पति-पत्नी के बीच विवाद लंबे समय तक चलता रहे और उसका समाधान न निकले तो तनाव कई बार गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे मामलों में परिवार और संबंधित संस्थाओं की समय पर मदद महत्वपूर्ण हो सकती है।
मानस और दिव्या की शादी को कई साल हो चुके थे। शुरुआती वर्षों के बाद दोनों के रिश्ते में विवाद बढ़ा और बाद में वे अलग रहने लगे। तलाक की प्रक्रिया के बीच विवाद और बढ़ता गया। इसी पृष्ठभूमि में हुई इस वारदात ने तीन जिंदगियां खत्म कर दीं।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले मानस ने किन लोगों से संपर्क किया था और क्या उसने किसी को अपनी योजना के बारे में बताया था। उसके मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से इस दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
मामले में सबसे अहम साक्ष्य पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट भी होंगे। गोली किस दिशा से चली, कितनी दूरी से फायरिंग हुई और किस हथियार से किस गोली का संबंध है, इसकी वैज्ञानिक जांच से पुलिस घटनाक्रम को अधिक स्पष्ट तरीके से जोड़ सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों परिवारों से जानकारी जुटाई जा रही है। तीनों की मौत के कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
कुल मिलाकर, लखनऊ के गोमतीनगर में पति-पत्नी के लंबे विवाद का बेहद खौफनाक अंत हुआ। ICICI बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा की उनके पति मानस बाजपेयी ने बैंक के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी बहन को भी गोली मार दी और खुद आत्महत्या कर ली। जांच में तलाक, स्त्रीधन और आर्थिक विवाद सामने आए हैं। पत्नी द्वारा बड़ी रकम मांगे जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है, लेकिन रकम को लेकर अलग-अलग दावे हैं। पुलिस अब दस्तावेजों, हथियारों, सीसीटीवी और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।












