West Bengal Elections 2026 में भवानीपुर सीट पर TMC ने 60000+ वोटों से जीत का लक्ष्य तय किया है। Abhishek Banerjee ने बूथ स्तर पर मजबूत रणनीति बनाने के निर्देश दिए, जबकि BJP से मुकाबला हाई-प्रोफाइल होने जा रहा है।
Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मजबूत गढ़ भवानीपुर पर पूरी ताकत झोंक दी है। दक्षिण कोलकाता के अहिंद्रा मंच पर आयोजित एक अहम संगठनात्मक बैठक में पार्टी ने साफ संकेत दिया कि इस सीट को बड़े अंतर से जीतना ही मुख्य लक्ष्य है।
60 हजार से अधिक वोट से जीत का लक्ष्य
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी की जीत 60 हजार से अधिक वोटों के अंतर से होनी चाहिए। यह लक्ष्य केवल जीत दर्ज करने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूती दिखाने के लिए रखा गया है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह सीट पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई है, इसलिए यहां किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। हर कार्यकर्ता को पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरना होगा।
बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने की तैयारी
अभिषेक बनर्जी ने बूथ स्तर की रणनीति को सबसे महत्वपूर्ण बताया। भवानीपुर में कुल 287 मतदान केंद्र हैं और पार्टी का लक्ष्य है कि इनमें से कम से कम 232 केंद्रों पर जीत हासिल की जाए। पिछली बार पार्टी ने 231 केंद्रों पर जीत दर्ज की थी, जिसे इस बार पार करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हर बूथ को मजबूत करना ही बड़ी जीत की कुंजी है। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहना होगा और मतदाताओं से सीधा संपर्क बनाए रखना होगा।
आत्मसंतोष से दूर रहने की सलाह
बैठक में कार्यकर्ताओं को आत्मसंतोष से बचने की सख्त सलाह दी गई। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भवानीपुर लंबे समय से पार्टी का गढ़ रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जीत आसान होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कार्यकर्ता ढिलाई बरतेंगे, तो इसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है। इसलिए हर स्तर पर सतर्कता और मेहनत जरूरी है।
भवानीपुर में होगा बड़ा मुकाबला
इस बार भवानीपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने यहां से विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारने का फैसला किया है।
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इससे यह सीट हाई प्रोफाइल बन गई है, जहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है। दोनों ही नेता राज्य की राजनीति के बड़े चेहरे हैं, इसलिए यह मुकाबला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ममता बनर्जी ने दिया सतर्क रहने का संदेश
बैठक में ममता बनर्जी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान हर कार्यकर्ता को पूरी तरह सतर्क रहना होगा।
उन्होंने खास तौर पर कहा कि मतदान खत्म होने के बाद भी कार्यकर्ता घर न जाएं और मतगणना केंद्र पर नजर बनाए रखें। उन्होंने नंदीग्राम के पिछले चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अचानक बिजली कटौती हुई थी, जिससे स्थिति बदल गई थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि ऐसी कोई स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए पहले से तैयार रहना जरूरी है।
प्रशासनिक फैसलों पर जताई चिंता
ममता बनर्जी ने हाल के प्रशासनिक बदलावों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कई अधिकारियों को हटाया गया है, जो सवाल खड़े करता है। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अगर चुनाव के दौरान कोई समस्या आती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
मतदाता सूची को लेकर विशेष तैयारी
बैठक में मतदाता सूची को लेकर भी चर्चा की गई। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है या उसे कोई परेशानी होती है, तो पार्टी उसकी कानूनी मदद करेगी। उन्होंने बताया कि एक नई सूची जारी की जाएगी और पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी समर्थक को मतदान करने में दिक्कत न हो।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश
इस बैठक में स्थानीय पार्षदों, बूथ कार्यकर्ताओं और संगठन के नेताओं ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना था। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हर कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र का जिम्मेदार प्रहरी बनना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि संगठन के अंदर कोई मतभेद चुनावी काम को प्रभावित न करे।
पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे में यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। भवानीपुर सीट लंबे समय से ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ रही है और इस बार भी यह सीट सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली है।








