विधानसभा प्रमुख सचिव नियुक्ति केस में सुनवाई टली, 25 अगस्त को अगली Hearing संभव

प्रदीप कुमार दुबे के प्रमुख सचिव पद पर बने रहने को चुनौती देने वाली याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई। मामले में 25 अगस्त को Hearing संभव है।

लखनऊ में विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे के पद पर बने रहने को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को संभावित है।

लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की नियुक्ति और सेवानिवृत्ति के बाद भी पद पर बने रहने से जुड़े मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई। याचिका में उनकी नियुक्ति की वैधता पर सवाल उठाते हुए क्वो वारंटो रिट जारी करने की मांग की गई है। अब मामले की सुनवाई 25 अगस्त को संभावित मानी जा रही है।

हाई कोर्ट में फिर नहीं हो सकी सुनवाई

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे से संबंधित याचिका गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी, लेकिन मामले पर बहस नहीं हो सकी। यह मामला न्यायमूर्ति शेखर बी. सर्राफ और न्यायमूर्ति अभदेश कुमार चौधरी की पीठ के समक्ष रखा गया था। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होने की संभावना है।

याचिका में 68 वर्षीय प्रदीप कुमार दुबे के विधानसभा प्रमुख सचिव पद पर बने रहने को लेकर कानूनी सवाल उठाए गए हैं। मामला खास तौर पर उनकी सेवानिवृत्ति के बाद पद पर कार्यरत रहने की स्थिति से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस संबंध में नियुक्ति और पद पर बने रहने का आधार स्पष्ट करने की मांग की है।

सेवानिवृत्ति के बाद पद पर बने रहने को चुनौती

यह याचिका विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी कर्मेश प्रताप सिंह की ओर से दाखिल की गई है। इसमें प्रदीप कुमार दुबे के खिलाफ क्वो वारंटो रिट जारी करने की मांग की गई है। क्वो वारंटो के माध्यम से यह सवाल उठाया जाता है कि कोई व्यक्ति किस कानूनी अधिकार के तहत किसी सार्वजनिक पद पर कार्य कर रहा है।

याचिका में अदालत के सामने मुख्य मुद्दा यह है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रदीप कुमार दुबे किस आधार और प्रावधान के तहत प्रमुख सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस मामले में अदालत के समक्ष राज्य सरकार और विधानसभा सचिवालय का पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।

कई तारीखों पर टल चुकी है Hearing

इस मामले की सुनवाई पहले भी कई बार सूचीबद्ध की जा चुकी है। छह जुलाई, 16 जुलाई, 24 जुलाई और तीन अगस्त को भी प्रकरण सुनवाई के लिए आया था, लेकिन समयाभाव के कारण उस पर सुनवाई नहीं हो सकी। गुरुवार को एक बार फिर मामला सूची में होने के बावजूद सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाई।

इससे पहले पांच जून को हाई कोर्ट की पीठ ने मामले में राज्य सरकार और विधानसभा सचिवालय से जवाब तलब किया था। इसके बाद से मामले में अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

25 अगस्त की तारीख पर रहेगी नजर

अब 25 अगस्त को संभावित सुनवाई के दौरान मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। अदालत के समक्ष याचिका में उठाए गए कानूनी सवालों के साथ-साथ राज्य सरकार और विधानसभा सचिवालय की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब भी महत्वपूर्ण होंगे।

फिलहाल सुनवाई टलने के कारण प्रदीप कुमार दुबे के प्रमुख सचिव पद पर बने रहने से जुड़े सवालों पर अदालत का रुख सामने नहीं आया है। अगली Hearing में इस मामले की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।

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