मानसून ने मध्य प्रदेश, गुजरात समेत देश के अधिकांश राज्यों में दस्तक दे दी है और जल्द ही उत्तर प्रदेश व राजस्थान में भी इसकी एंट्री होने की संभावना है। मानसून के सक्रिय होने से कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो रही है।
नई दिल्ली: देशभर में मानसून (Monsoon) लगातार सक्रिय होता जा रहा है और इसके प्रभाव से कई राज्यों में भारी बारिश दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूरे उत्तर-पूर्व भारत में Heavy Rainfall Alert जारी किया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मानसून के औपचारिक आगमन से पहले ही हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून जल्द ही उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी प्रवेश कर सकता है, जिससे इन राज्यों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
शिमला में बारिश से सड़कें जलमग्न, कई वाहन मलबे में दबे
शनिवार दोपहर शिमला में हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों और प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सबसे अधिक असर ढली क्षेत्र में देखने को मिला, जहां तेज बहाव के साथ आए मलबे ने तीन वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। कई घरों में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
बारिश उस समय हुई जब स्कूलों की छुट्टी और कार्यालयों से कर्मचारियों के घर लौटने का समय था। इससे स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को लंबा जाम और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर में ही छा गया अंधेरा, जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल
लगातार घने बादलों और तेज बारिश के कारण शाम करीब चार बजे ही शिमला में अंधेरे जैसे हालात बन गए। शहर के कई हिस्सों में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित दिखाई दी। नालियों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं और वाहन धीमी गति से चलते दिखाई दिए।स्थानीय प्रशासन को कई क्षेत्रों में जलभराव और मलबा हटाने के लिए राहत एवं बचाव दल तैनात करने पड़े। बारिश के कारण लोगों को दैनिक गतिविधियों में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
आईएमडी ने कई जिलों के लिए जारी किया येलो अलर्ट
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भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, शिमला, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले सात दिनों तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी।
30 जून की रात पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के बाद 1 और 2 जुलाई को पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है। ऐसे में भूस्खलन (Landslide), अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
बंगाल, सिक्किम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी ने पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन राज्यों के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है।
यूपी और राजस्थान में जल्द पहुंचेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बड़े हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो गया है। अब अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मानसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि इन राज्यों में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही कई स्थानों पर प्री-मानसून बारिश शुरू हो चुकी है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।










