Weather Update: मानसून की रफ्तार धीमी, तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।

दिल्ली में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में देरी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः राजधानी में मानसून 27 जून के आसपास पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने की उम्मीद है।

नई दिल्ली: भारत में मानसून की गतिविधियां अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तस्वीर पेश कर रही हैं। जहां राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में देरी की संभावना जताई गई है, वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में मानसून अब जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंच सकता है, जबकि तमिलनाडु के कई जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के प्रभाव को दर्शाती हैं, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत में मौसम का अलग-अलग स्वरूप देखने को मिल रहा है।

दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी

सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण-पश्चिम मानसून 27 जून के आसपास दिल्ली पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसके आगमन में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में मानसून अब जुलाई के पहले सप्ताह तक दस्तक दे सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण मौसमी प्रणालियां अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुई हैं। 

सामान्य तौर पर जून के मध्य में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होता है, जो नमी से भरी हवाओं को ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली तक पहुंचाने में मदद करता है। इस बार इस प्रणाली की गति अपेक्षाकृत धीमी रहने से मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।

तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: मानसून की रफ्तार धीमी, तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

दूसरी ओर, तमिलनाडु में सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने नीलगिरी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व विदर्भ से तमिलनाडु तक फैली एक वायुमंडलीय द्रोणी (ट्रफ) तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर गुजर रही है। 

यही प्रणाली राज्य में वर्षा गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।

पश्चिमी घाट और अन्य इलाकों में भी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने पश्चिमी घाट से जुड़े जिलों और कावेरी डेल्टा क्षेत्र में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा उत्तर तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है। तिरुनेलवेली के पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा नीलगिरी, कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी और कन्याकुमारी जिलों में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। 

पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव उपायों को सक्रिय करने की तैयारी कर रहा है।

चेन्नई में कैसा रहेगा मौसम?

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी बड़े मौसमीय व्यवधान की संभावना नहीं जताई गई है। बीच-बीच में होने वाली बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। बादल छाए रहने के कारण तापमान भी सामान्य के आसपास बना रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण भारत में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के चलते तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। नमी की पर्याप्त उपलब्धता और वायुमंडलीय द्रोणी के प्रभाव से वर्षा गतिविधियां लगातार बनी रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान सामान्य स्तर पर रहने का अनुमान है और अत्यधिक गर्मी की संभावना कम है।

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