उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 20 मार्च को अपने संगठनात्मक कामकाज को अंतिम रूप देने का बड़ा फैसला किया है। पार्टी इस दिन काशी, गोरखपुर, अवध और कानपुर क्षेत्रों के लिए संगठनात्मक होमवर्क पूरा करेगी और चार क्षेत्रों के कुल 60 जिलों की नई कार्यकारिणी पर मुहर लगाने की योजना है।
लखनऊ: जिलों में संगठन का नया चेहरा खड़ा करने की तैयारी में जुटी Bharatiya Janata Party 20 मार्च को चार क्षेत्रों—Kashi, Gorakhpur, Awadh एवं Kanpur—को लेकर अपना होमवर्क पूरा करेगी। योजना के अनुसार, तीन दिन के भीतर सभी जिलों की कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाएगा और सूची इसी महीने जारी कर दी जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary और प्रदेश संगठन महामंत्री Dharampal Singh पदाधिकारियों के साथ संवाद कर नामों पर अंतिम सहमति बनाएंगे। इसी दिन कोर कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें संगठन विस्तार और नई कार्यकारिणी को अंतिम रूप देने पर चर्चा होगी।
संगठन का नया चेहरा तैयार करने की प्रक्रिया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह अपने पदाधिकारियों के साथ संवाद कर जिलों में पदाधिकारियों के नामों पर अंतिम सहमति बनाएंगे। इसी दिन कोर कमेटी की बैठक भी होगी, जिसमें संगठनात्मक सुधार और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की जाएगी। चार क्षेत्रों में कुल 60 जिलों के लिए 20-20 नामों की सूची तैयार की जाएगी।
यह प्रक्रिया तीन दिनों में पूरी होने की संभावना है। पार्टी ने इसे सुनिश्चित करने के लिए पहले ही पश्चिम और ब्रज क्षेत्र के अधिकांश जिलों में कार्यकारिणी तैयार कर ली है।

अवध, कानपुर, काशी और गोरखपुर क्षेत्र की तैयारियाँ
पार्टी अब अवध क्षेत्र के 15, कानपुर क्षेत्र के 17, काशी क्षेत्र के 16 और गोरखपुर क्षेत्र के 12 जिलों में संगठनात्मक टीम बनाने में जुटी है। हालांकि चार जिलों में अध्यक्षों के नाम अभी तक तय नहीं हो पाए हैं। इसके लिए नए अध्यक्षों के चयन के बाद टीम को अंतिम रूप दिया जाएगा। पूर्व में लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने दो दिनों तक होमवर्क कर पश्चिम और ब्रज क्षेत्रों के जिलों में पदाधिकारियों का चयन किया था। अब 20 मार्च को कोर कमेटी बैठक में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
20 मार्च की बैठक में केवल जिलों की नई कार्यकारिणी पर ही नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा होगी। बैठक में जिला संगठन के साथ-साथ क्षेत्रीय और प्रदेश इकाई में भी बड़े बदलावों की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य स्पष्ट है कि संगठनात्मक ढांचा मजबूत हो और सभी जिलों में प्रभावी नेतृत्व तैयार हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का यह कदम आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति को सशक्त बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। कार्यकारिणी में नए चेहरों को शामिल करना, पार्टी के अंदरूनी संगठन को सुधारने के साथ ही基层 स्तर पर जनता तक पहुंच बनाने में मदद करेगा।












