2026 में भारत की GDP ग्रोथ अमेरिका से आगे, एलन मस्क बोले– पावर बैलेंस बदल रहा है

IMF रिपोर्ट: 2026 में भारत की GDP ग्रोथ 17%, अमेरिका से दोगुना, एलन मस्क बोले पावर बैलेंस बदल रहा है, निर्मला सीतारमण ने आर्थिक ताकत पर जोर दिया।

IMF और वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में भारत की GDP ग्रोथ 17% रहने का अनुमान है, जो अमेरिका के 9.9% से दोगुना है। एलन मस्क ने कहा कि पावर बैलेंस बदल रहा है और वित्त मंत्री ने आर्थिक ताकत पर जोर दिया।

America: वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में वैश्विक जीडीपी (GDP) ग्रोथ में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। इस आंकड़े को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि दुनिया में पावर बैलेंस बदल रहा है। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस डाटा का हवाला देते हुए भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और संभावनाओं पर जोर दिया।

IMF रिपोर्ट के आंकड़े

31 जनवरी को वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 2026 तक ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में भारत का योगदान 17% रहेगा, जबकि अमेरिका का 9.9% है। यानी आर्थिक विस्तार में भारत अमेरिका से लगभग दोगुना आगे रहेगा।

रिपोर्ट में चीन सबसे आगे है। 2026 में चीन की GDP ग्रोथ 26.6% अनुमानित की गई है। इसका मतलब है कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक GDP ग्रोथ का कुल 43.6% हिस्सा चला रहे हैं। यह संकेत देता है कि एशियाई अर्थव्यवस्थाएं अब वैश्विक आर्थिक वृद्धि की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

एलन मस्क का ट्वीट 

टेस्ला और स्पेसएक्स के CEO एलन मस्क ने वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स की पोस्ट को री-शेयर करते हुए लिखा, "सत्ता का संतुलन बदल रहा है।" मस्क ने भारत की आर्थिक तरक्की पर लगातार ध्यान रखा है। पिछले कुछ महीनों में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार मिल चुके हैं और भारत में अपने कारोबार के लिए बेहतर अवसर तलाश रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क की इस प्रतिक्रिया से वैश्विक निवेशकों की भी भारत में रुचि बढ़ रही है। तकनीकी और निवेश क्षेत्रों में भारत तेजी से आकर्षक डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

निर्मला सीतारमण ने दोहराई मस्क की बात

बजट 2026 के दौरान आयोजित यूथ डायलॉग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस रिपोर्ट और एलन मस्क की टिप्पणी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह डाटा भारत की तेजी से बढ़ती आर्थिक ताकत को दर्शाता है।

निर्मला सीतारमण ने कहा, "IMF के आंकड़े बताते हैं कि ग्लोबल GDP ग्रोथ में चीन का योगदान 26% है, जबकि भारत का योगदान 17% है। कुल मिलाकर ये दोनों एशियाई इकोनॉमीज दुनिया की आर्थिक वृद्धि का 43% हिस्सा चला रही हैं।"

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि भारत का यह योगदान संकेत देता है कि देश आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में है और आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में और अधिक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है।

भारत-चीन के बीच गैप पाटने की संभावना

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, "भारत के विपक्ष को भी यह समझना चाहिए कि यह शक्ति अब देश के पास है। चीन के बाद हम दूसरे नंबर पर हैं। 26 और 17 के बीच का गैप अभी बड़ा दिखता है, लेकिन हम इसे समय के साथ पाट देंगे।" उनका यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि भारत तेजी से अपनी वैश्विक आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि आत्मविश्वास और स्थिर आर्थिक नीतियों के जरिए भारत ग्लोबल GDP ग्रोथ में अपने योगदान को और बढ़ा सकता है। इस योगदान से भारत न केवल एशियाई क्षेत्र में बल्कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार चीन और भारत की संयुक्त GDP ग्रोथ 43% तक पहुंचने के साथ ही यह संकेत मिलता है कि भविष्य में एशियाई देशों की भूमिका अधिक निर्णायक होगी। अमेरिका और यूरोपीय देशों का योगदान अब अपेक्षाकृत कम रह जाएगा। यह बदलाव वैश्विक आर्थिक पावर बैलेंस में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है।

भारत की इस तेज़ी से बढ़ती आर्थिक स्थिति का प्रभाव निवेश, तकनीकी विकास, निर्यात और रोजगार जैसे क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है। विदेशी निवेशक अब भारत को अपने लिए प्राथमिक जगह मान रहे हैं। वैश्विक कंपनियां भारत में अपने ऑपरेशन बढ़ाने और नई योजनाएं लागू करने की सोच रही हैं।

वित्त मंत्री का जोर

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत ने जो ताकत हासिल की है, वह केवल GDP ग्रोथ के आंकड़े में नहीं बल्कि आर्थिक स्थिरता, निवेश आकर्षण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी दिख रही है। उन्होंने युवाओं और निवेशकों से कहा कि अब समय है कि इस आर्थिक अवसर का लाभ उठाया जाए।

वित्त मंत्री ने बजट 2026 में भविष्य की योजनाओं और आर्थिक विकास के रोडमैप को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि भारत की नीतियां निवेशकों और उद्योगपतियों को सहयोग देने के साथ-साथ रोजगार सृजन और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर फोकस करेंगी।

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