राजस्थान के अजमेर जिले के नसीराबाद रोड पर गैस पाइपलाइन लीकेज से सड़क पर गड्ढा बन गया और गैस व मिट्टी बाहर निकलने लगी। आधे घंटे बाद टीम ने स्थिति काबू में की, जबकि स्थानीय लोगों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर शहर में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब नसीराबाद रोड स्थित 9 नंबर पेट्रोल पंप के पास अचानक सड़क धंस गई और बड़ा गड्ढा बन गया। इस दौरान जमीन के अंदर से गैस का रिसाव शुरू हो गया और उसके साथ मिट्टी भी बाहर निकलने लगी।
यह घटना देखते ही देखते लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई, क्योंकि गैस के साथ निकली मिट्टी आसपास खड़ी गाड़ियों और दुकानों पर जा गिरी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बुधवार को सामने आया, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया।
PNG गैस पाइपलाइन में लीकेज बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह घटना PNG Gas Pipeline में लीकेज के कारण हुई। पाइपलाइन में अचानक रिसाव होने से जमीन के अंदर दबाव बना और सड़क का हिस्सा धंस गया।
इस वजह से वहां बड़ा गड्ढा बन गया और गैस बाहर निकलने लगी। हालांकि, गनीमत यह रही कि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया।
आधे घंटे तक चलता रहा गैस रिसाव
स्थानीय लोगों और दुकानदारों के अनुसार, गैस लीकेज करीब 30 मिनट तक जारी रहा। इस दौरान आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। दुकानदारों ने तुरंत संबंधित टीम को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि टीम मौके पर देर से पहुंची।
इस बीच मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी जारी रही, जिससे जोखिम और बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
टीम ने पहुंचकर किया मरम्मत कार्य
सूचना मिलने के बाद संबंधित तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और गैस लीकेज को बंद किया गया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और इलाके को सुरक्षित घोषित किया गया।
टीम ने सड़क के आसपास जांच भी शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पाइपलाइन में लीकेज किस कारण से हुआ। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
पार्षद प्रतिनिधि ने लगाए लापरवाही के आरोप
स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि ईश्वर राजोरिया ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शाम करीब 4 बजे गैस लीकेज शुरू हुआ था, लेकिन सूचना देने के बावजूद टीम आधे घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची।
उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में इस तरह की समस्याएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पाइपलाइन से जुड़ी समस्याएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके, स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते सुधार और निगरानी की जाती, तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने शहर में गैस पाइपलाइन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी इलाकों में बिछाई गई गैस लाइनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
यदि समय-समय पर निरीक्षण और रखरखाव नहीं किया जाए, तो ऐसी घटनाएं बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं।
लोगों में दहशत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन की पूरी जांच की जाए और सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जाए।
लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में बड़े खतरे का संकेत हो सकती हैं, इसलिए तुरंत कार्रवाई जरूरी है।
प्रशासन की निगरानी और आगे की जांच
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पाइपलाइन नेटवर्क की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि लीकेज के असली कारण का पता लगाया जा सके।
साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या रखरखाव में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।










